मंडी में व्यवस्थाओं को लेकर उठे मुद्दे पर डीसी ने लिया कड़ा संज्ञान
शहर की मंडियों में व्यवस्थाओं को लेकर उठे मुद्दों पर डीसी अपराजिता ने कड़ा संज्ञान लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि मंडी में सभी मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं। सीजन के दौरान किसी भी किसान या मजदूर को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने के लिए निरंतर निगरानी रखी जाए। एक समाचार पत्र में अव्यवस्थाओं संबंधी समाचार प्रकाशित होने पर डीसी ने मार्केट कमेटी सचिव से जवाब मांगा। मार्किट कमेटी सचिव ने स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि किसानों एवं मजदूरों को उपलब्ध करवाई जा रही सभी सुविधाएं सुचारू रूप से संचालित हैं। पुरानी अनाज मंडी में सीजन के दौरान कर्मचारी 24 घंटे ड्यूटी पर तैनात रहते हैं। 22 अप्रैल की रात को भी कर्मचारी मौजूद थे, जिसकी पुष्टि सीसीटीवी फुटेज से की जा सकती है। इसी प्रकार कूड़ा उठान के संबंध में बताया गया कि मंडी शहर के बीच स्थित होने के कारण सीजन में बड़े वाहन अंदर नहीं पहुंच पाते। ऐसे में कचरे को एक स्थान पर एकत्र किया गया है, जिसे उठान कार्य पूरा होते ही हटा दिया जाएगा। संबंधित ठेकेदार को इस बाबत नोटिस जारी कर जवाब भी मांगा गया है। उन्होंने यह भी बताया कि नई अनाज मंडी के बाहर का क्षेत्र नगर परिषद के अधिकार क्षेत्र में आता है, जबकि मंडी परिसर में लगी सभी स्ट्रीट लाइटें सुचारू रूप से कार्य कर रही हैं। इसी प्रकार ड्यूटी के दौरान सोता हुआ पाया गया व्यक्ति कमेटी का कर्मचारी नहीं, बल्कि निजी तौर पर नियुक्त चौकीदार था। कमेटी के अपने कर्मचारी गेट पर तैनात और सक्रिय थे। कमेटी के अनुसार तीनों मंडियों में लगे वाटर कूलर पूरी तरह कार्यशील हैं और किसानों को ठंडा पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है। शौचालय बंद होने की घटना पर बताया गया कि संबंधित कर्मचारी पारिवारिक आपात स्थिति के कारण कुछ समय के लिए अनुपस्थित था, हालांकि वह उसी रात पुन: ड्यूटी पर लौट आया। इस मामले में ठेकेदार से लिखित स्पष्टीकरण मांगा गया है। मंडी में संचालित अटल किसान एवं श्रमिक कैंटीन का संचालन सरकार द्वारा निर्धारित समय अनुसार सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक किया जा रहा है। रात्रि में कैंटीन संचालन के लिए फिलहाल कोई निर्देश प्राप्त नहीं हुए हैं।
