जिला प्रशासन ने शुरू किया ज्ञान दान बुक बैंक
डीसी अपराजिता ने कहा कि आप द्वारा दान की गई पुस्तकें जरूरतमंद व मेधावी विद्यार्थियों की जिंदगी बदल सकती हैं। पुस्तकों का दान भी बहुत बड़ा दान है, जिसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती। अधिकारीगण, कर्मचारीगण व आमजन जनहित में किताबों का दान जरूर करें, जिससे किताबें खरीदने में असक्षम विद्यार्थियों को फ्री में किताबें उपलब्ध कराई जा सके। ऐसा करने से विद्यार्थियों में आत्मविश्वास और पढ़ाई करने की रूचि भी बढ़ेगी। डीसी अपराजिता शुक्रवार को लघु सचिवालय स्थित सभागार में ज्ञान दान बुक बैंक की बैठक लेकर अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दे रही थी। डीसी अपराजिता, एडीसी डॉ. सुशील कुमार, जिप सीईओ सुरेश राविश, एसडीएम कैथल संजय सिंह व अन्य अधिकारीगण ने ज्ञान दान बुक बैंक के नोडल अधिकारी छत्रपाल को सैकड़ों बुक दान दी। डीसी अपराजिता ने कहा कि सभी विभागाध्यक्ष अपने-अपने विभागों से 100-100 पुस्तकें जरूर दान करें। उन्होंने आह्वान किया कि वे अपने निजी कोष से भी पुस्तकें खरीद कर या पुरानी पुस्तकों को डाइट कैथल में दान करें। आमजन कार्यदिवस के दौरान सुबह 10 बजे से सायं 4 बजे तक जींद रोड स्थित डाइट में स्थापित किए गए ज्ञान दान बुक बैंक में पुस्तकें दान कर सकते हैं। इसके लिए छत्रपाल (डीएमएस) को नोडल अधिकारी बनाया गया है। आमजन पुस्तकें दान करने के लिए मोबाईल नंबर 94679-20070, 96715-86626 पर संपर्क कर सकते हैं। डीसी ने आमजन की सुविधा को देखते हुए कहा कि वे अपने नजदीकी सरकारी स्कूल में भी पुस्तकें दान कर सकते हैं, इसके बाद यह सभी पुस्तकें ज्ञान दान बुक बैंक में पहुंच जाएंगी। उन्होंने रेडक्रॉस कार्यालय को निर्देश दिए कि वे ज्ञान दान बुक बैंक में पुस्तकों के सही रख-रखाव के लिए रैक उपलब्ध करवाएगा। डीसी अपराजिता ने कहा कि इन सभी पुस्तकों का रिकॉर्ड व्यवस्थित तरीके से किया जाएगा। प्रत्येक दानकर्ता द्वारा दी गई पुस्तकों का पूरा विवरण रखा जाएगा। भविष्य में इसके लिए एक मोबाइल एप बनाया जाएगा, ताकि विद्यार्थियों को पुस्तकें लेन-देन के लिए सुविधा उपलब्ध हो। यूपीएससी, एचपीएससी, नीट, जेई मेन, इंटरनेशनल ओलंपियाड, सीयूईटी, सीईटी, सीजीएल, सीपीटी, सीए, बैंकिंग, सैनिक स्कूल परीक्षा, आर्मी पब्लिक स्कूल परीक्षाएं आदि की तैयारियां के लिए पुस्तकें उपलब्ध करवाएं। जिला प्रशासन का उद्देश्य समाज में ज्ञान दान की भावना को प्रोत्साहित करना है। इस मौके पर एडीसी डॉ. सुशील कुमार, जिप सीईओ सुरेश राविश, एसडीएम कैथल संजय सिंह, डीडीपीओ रितु लाठर, डीईओ सुभाष कुमार, डीएसपी वीरभान, डीआईपीआरओ नसीब सिंह, छत्रपाल के अलावा अन्य संबंधित अधिकारीगण मौजूद रहे।
