किसी एक पुस्तक विक्रेता को तय न करें स्कूल संचालक : डीसी
निजी स्कूलों में दाखिलों के दौरान किसी एक पुस्तक विक्रेता को तय करते हुए पुस्तकों व स्टेशनरी की मनमानी कीमतों की शिकायतों पर संज्ञान लेते हुए डीसी अपराजिता ने शुक्रवार को निजी स्कूल एसोसिएशन के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की। जिसमें उन्होंने निर्देश दिए कि शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार ही स्कूल संचालक स्कूलों में फीस, पुस्तकें व अन्य मापदंड तय करें। किसी एक पुस्तक विक्रेता को ही संबंधित स्कूल की पुस्तकें बेचने के लिए अधिकृत न करें, ताकि वह पुस्तक विक्रेता पुस्तकों व स्टेशनरी के लिए मनमानी कीमत न वसूल सके। अभिभावकों को अपने स्कूल में लगवाई गई पुस्तकों की जानकारी दे दें, ताकि वह किसी भी पुस्तक विक्रेता से वह पुस्तकें खरीद सके। इसके अलावा अनावश्यक सामग्री खरीदने के लिए भी अभिभावकों को बाध्य न किया जाए। उन्होंने कहा कि विभाग ने हर विषय को लेकर नियम निर्धारित किए हैं। शिक्षा विभाग के नियमानुसार ही दाखिला फीस, मासिक फीस व अन्य मापदंड तय करें। अनावश्यक फीस वृद्घि न करें। निजी स्कूल संचालक भी शिक्षा की लौ जगाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। इसलिए निजी स्कूल एसोसिएशन यह स्वयं तय करें कि कोई स्कूल संचालक अभिभावकों के साथ मनमानी तो नहीं कर रहा। स्कूल संचालक सभी स्कूल संचालकों को विभाग व सरकार के नियमों की पालना के लिए प्रेरित करें। डीसी ने कहा कि यदि इस तरह की कोई शिकायत मिलती है तो उस पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। जिला शिक्षा अधिकारी सुभाष ने भी स्कूल संचालकों का आह्वान किया कि वे नियमों का पालन करते हुए स्कूल संचालित करें। उपायुक्त महोदया के मार्गदर्शन में स्थिति पर नजर रखी जा रही है। भविष्य में यदि कोई शिकायत मिलती है तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। निजी स्कूल संचालक एसोसिएशन के कुलदीप सिंह, कुलदीप पूनिया, खुशी राम, प्रदीप कुमार, बलजिंद्र संधू सहित अन्य प्रतिनिधियों ने सहयोग का आश्वासन दिया और अन्य निजी स्कूलों से अपील की कि वे नियमानुसार ही कार्य करें।
