डीसी ने किया सरकारी कार्यालयों का औचक निरीक्षण

कैथल खबर (02 अप्रैल) : डीसी प्रीति ने बुधवार को कई सरकारी कार्यालयों का औचक निरीक्षण किया। जहां कई तरह की अनियमितताएं मिलने पर डीसी ने अधिकारियों को सख्त निर्देश जारी किए हैं। निरीक्षण के दौरान सीडब्ल्यूसी कार्यालय में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी को छोड़कर कोई कर्मचारी व अधिकारी मौके पर नहीं मिला। वहीं नगर परिषद में आठ कर्मचारी गैर हाजिर पाए गए। यहां साफ सफाई सहित रिकॉर्ड व्यवस्थित मिलने पर डीसी ने नोटिस जारी कर जवाब देने को कहा। साथ ही अनाज मंडी सीवन में दौरा किया। जहां अनियिमितताओं पर मंडी सुपरवाइजर को नोटिस जारी किया है। डीसी प्रीति बुधवार सुबह सबसे पहले करनाल रोड पर स्थित सीडब्ल्यूसी कार्यालय पहुंचीं। जहां एक कक्ष पर ताला लगा हुआ मिला। बाकि कक्ष खाली थे। यहां महज एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी मिला। यहां डीसी ने सभी गैर हाजिर कर्मचारियों का एक दिन का वेतन काटने के आदेश जारी किए। इसके बाद डीसी नगर परिषद कार्यालय पहुंचीं। जहां सबसे पहले प्रॉपर्टी आईडी संबंधी शाखा में कर्मचारियों से जानकारी ली। यहां कर्मचारियों के पास पहचान पत्र नहीं थे। डीसी ने सभी को अपने पहचान पत्र लेकर आने को कहा। इसके बाद डीसी ने डायरी एवं डिस्पैच ब्रांच में हाजिरी रजिस्टर की जांच की। जहां आठ कर्मचारी गैर हाजिर मिले। डीसी के निरीक्षण के दौरान ही दो कर्मचारी हाजिरी लगाने पहुंचें। डीसी ने सभी को समय पर आने की हिदायत दी। इसके बाद डीसी नगर परिषद कार्यालय में बने सरल केंद्र में पहुंचीं। जहां शौचालय की दयनीय हालत देखकर अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए और कहा कि आपके पास पूरे शहर की साफ-सफाई का जिम्मा है आपका कार्यालय अपने ही कार्यालय के शौचालयों को साफ नहीं रख सकता तो बाकि शहर में कैसे  सफाई करवाओेगे? इसके बाद डीसी ने किराया शाखा, क्रिड ब्रांच, लेखा शाखा, तकनीकी शाखा, नगर परिषद चेयरमैन कक्ष, कार्यकारी अधिकारी कक्ष, नगर परिषद सचिव कक्ष का निरीक्षण किया। तकनीकी शाखा में अस्त-व्यस्त मिले रिकॉर्ड, टूटी कुर्सियों को लेकर डीसी ने नगर परिषद सचिव भानू शर्मा को सख्त निर्देश दिए और कहा कि इन्हें जल्द से जल्द दुरुस्त किया जाए। यहां बनाए गए शौचालय व जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र ब्रांच के निकट बने शौचालय को लेकर डीसी ने कड़ी फटकार लगाते हुए कहा कि कार्यालय में ऐसी हालत में शौचालय नहीं होने चाहिए। डीसी ने कहा कि यहां शहर से जुड़े लोग अपनी समस्याएं लेकर आते हैं, इसीलिए व्यवस्था पूरी तरह से दुरुस्त होनी चाहिए। उन्होंने बिखरे हुए तारों के जाल पर भी अधिकारियों को जवाब देने को कहा। कर्मचारियों ने बताया कि ईओ चंडीगढ़ बैठक में गए हुए हैं। सचिव के अलावा कई जेई, एमई व अन्य कर्मचारियों की सीटें भी खाली मिलीं। हालांकि बताया गया कि ये कर्मचारी फील्ड में हैं। इसके बाद डीसी सीवन में स्थित सामुदायिक केंद्र में पहुंचीं। जहां वर्दी में न होने पर डीसी ने डॉक्टर को हिदायत दी कि वे ड्यूटी पर वर्दी में होने चाहिए। डीसी ने निरीक्षण के दौरान यहां प्रसूती कक्ष, ओपीडी, होम्योपैथिक कक्ष, ओटी, फार्मेसी का बारीकि से निरीक्षण किया। यहां साफ-सफाई व दवाओं के रिकॉर्ड को सही ढंग से रखने को लेकर डीसी ने सख्त निर्देश जारी किए। यहां डीसी ने मरीजों से भी बातचीत की और उनसे यहां मिल रही सुविधाओं के बारे में पूछा। डीसी ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि दवाओं का स्टॉक पूरी तरह से दुरुस्त होना चाहिए। कर्मचारियों को जानकारी होनी चाहिए कि कौन सी दवा का कितना स्टॉक है और कितनी की भविष्य में जरूरत है। ताकि समय पर उस दवा की डिमांड की जा सके। इससे मरीजों को बेवजह दवाओं की कमी का सामना नहीं करना पड़ेगा। दवाओं के पोर्टल को लेकर डीसी के जवाब का कर्मचारी संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए। इसके बाद डीसी ने सीवन में स्थित एक आंगनबाड़ी केंद्र का दौरा किया। जहां बुधवार को लगने वाले टीकाकरण शिविर के बारे में आवश्यक जानकारी हासिल की और नर्स को निर्देश दिए कि जो बच्चे टीका लगवाने के लिए न पहुंच सकें, उनके घर जाकर टीकाकरण को सफल बनाएं। इसके बाद डीसी सीवन की अनाज मंडी में पहुंचीं। जहां मार्केट कमेटी सचिव मौके पर नहीं मिले। डीसी ने मंडी का निरीक्षण किया। जहां दो टोंटी में पानी बहता हुआ मिला। साथ ही कई जगह कूड़ा जलाया हुआ मिला। इसके अलावा शौचालय में अस्थाई व्यवस्था देखकर डीसी ने कर्मचारियों को कड़ी फटकार लगाई और कहा कि दो घंटे में बहते हुए पानी को रोक  कर रिपोर्ट करें। डीसी ने मंडी सुपरवाइजर को मंडी में बहते हुए पानी, कूड़ा जलाए जाने व शौचालयों की बदहाली को लेकर कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा। निरीक्षण के बाद डीसी प्रीति ने कहा कि सरकारी कार्यालयों में समय पर पहुंच कर आमजन के कार्य करना अधिकारियों व कर्मचारियों का कर्तव्य है। सभी अधिकारी व कर्मचारी समय पर अपने कार्यालय पहुंचे और आमजन की सुनवाई करें। इस मामले में यदि कोताही पाई जाती है तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। किसी भी समय, किसी भी कार्यालय का औचक निरीक्षण किया जा सकता है। सभी कर्मचारी अपना पहचान पत्र साथ रखें।

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