कैथल में पटाखों पर प्रतिबंध!
31 जनवरी 2027 तक ग्रीन पटाखों को छोड़कर बाकी पर रोक
जिलाधीश अपराजिता ने सर्दियों के मौसम में बढ़ते वायु प्रदूषण को गंभीर स्वास्थ्य चिंता का विषय बताते हुए कैथल जिले की सीमा में पटाखों के निर्माण, बिक्री और इस्तेमाल को लेकर प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए हैं। अक्टूबर से जनवरी के दौरान वायु प्रदूषण का स्तर बढ़ने से बच्चों, बुजुर्गों तथा पहले से श्वसन और हृदय संबंधी बीमारियों से पीड़ित लोगों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। दीवाली, गुरुपर्व, फ्सिमस और नववर्ष जैसे अवसरों पर पटाखे जलाने से हवा में हानिकारक रसायन, विषाक्त पदार्थ, धातु के कण और गैसें फैलती हैं, जिससे वायु एवं ध्वनि प्रदूषण बढ़ता है। इसी के मद्देनजर पटाखों की बिक्री और इस्तेमाल को नियंत्रित करने के लिए माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों की सख्ती से पालना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
जिलाधीश ने हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सुझावों और सरकार के निर्देशानुसार भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत कैथल जिले की सीमा में 31 जनवरी 2027 तक ग्रीन पटाखों को छोड़कर अन्य सभी प्रकार के पटाखों के निर्माण, बिक्री, फोड़ने और इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाया है। इसके साथ ही सीरीज पटाखों (सीरीज क्रेकर्स या लड़ी) तथा बेरियम सॉल्ट वाले पटाखों पर भी रोक रहेगी। ऐसे पटाखों से अत्यधिक वायु एवं ध्वनि प्रदूषण होने के साथ ठोस कचरे की समस्या भी बढ़ती है।
ग्रीन पटाखे फोड़ने के लिए समय निर्धारित-जारी आदेशों के अनुसार, दीवाली और गुरुपर्व जैसे त्योहारों पर ग्रीन पटाखे केवल रात आठ बजे से 10 बजे तक ही फोड़े जा सकेंगे। क्रिसमस की पूर्व संध्या और नववर्ष की पूर्व संध्या पर ग्रीन पटाखे चलाने की अनुमति रात 11.55 बजे से रात 12.30 बजे तक निर्धारित की गई है। निर्धारित समय के अलावा पटाखे फोड़ने की अनुमति नहीं होगी।
इसके अतिरिक्त, फ्लिपकार्ट, अमेजन सहित किसी भी ई-कॉमर्स वेबसाइट को कैथल जिले में पटाखों के ऑनलाइन ऑर्डर लेने या उनकी ऑनलाइन बिक्री करने की अनुमति नहीं होगी।
आदेशों की पालना के लिए अधिकारियों को निर्देश-जिलाधीश ने जारी आदेशों की सख्ती से पालना सुनिश्चित करने के लिए पुलिस विभाग, नगर आयुक्त, सभी उपमंडल अधिकारी (नागरिक), सभी डीएसपी, तहसीलदार, नायब तहसीलदार, बीडीपीओ, ईओ नगर परिषद, नगर पालिका सचिव, सभी थाना प्रभारी, फायर ऑफिसर तथा अग्निशमन विभाग के अन्य संबंधित अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी है। संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे आदेशों को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए छापामारी करें और की गई कार्रवाई की रिपोर्ट उपायुक्त कार्यालय में भेजें।
आदेशों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 223 तथा लागू अन्य अधिनियमों एवं नियमों, जिनमें विस्फोटक अधिनियम, 1884 और विस्फोटक नियम, 2008 के संबंधित प्रावधान शामिल हैं, के तहत नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
