अल्ट्रासाउंड केंद्रों के संचालक करें पीएनडीटी एक्ट की पालना : डा. रेनू चावला
पीसी एंड पीएनडीटी एक्ट की बैठक को दिशा-निर्देश देती सिविल सर्जन डॉ. रेनू चावला
कैथल खबर (29 जनवरी) : सिविल सर्जन कार्यालय में पीसी एंड पीएनडीटी एक्ट के तहत एक बैठक का आयोजन किया गया। इसकी अध्यक्षता चेयरपर्सन जिला समुचित प्राधिकारी एवं सिविल सर्जन डा. रेनू चावला ने की। बैठक में जिला कैथल के पीसी-पीएनडीटी एक्ट के अंतर्गत रजिस्टर्ड अल्ट्रासाउंड केंद्रों के संचालक/ऑपरेटर व प्राईवेट महिला चिकित्सा विशेषज्ञ शामिल हुए।
बैठक में सिविल सर्जन द्वारा सभी रजिस्टर्ड अल्ट्रासाउंड केंद्रों को निर्देश दिए गए कि वे सभी पीएनडीटी एक्ट की पालना करें, जैसे कि फार्म-एफ को सही प्रकार से भरना, अपने केंद्र के रिकार्ड का सही रख-रखाव, प्रत्येक माह की 5 तारीख तक अपने केन्द्र की रिपोर्ट कार्यालय में भिजवाना व एमटीपी एक्ट की पालना करें। आईएमए के प्रधान डा. ललित जांगड़ा को निर्देश दिए कि अगर कोई गर्भवती महिला या उसके संबंधी अवैध लिंग जांच हेतू रजिस्टर्ड अल्ट्रासाउंड केंद्रों के संचालक/ऑप्रेटर से संपर्क करते है तो उसकी सूचना सिविल सर्जन कैथल को दें।
सिविल सर्जन कैथल द्वारा बताया गया कि अवैध लिंग जांच करने वालों के विरूद्ध सूचना देने व सूचना सही पाए जाने पर सरकार की हिदायतों अनुसार एक लाख रुपये की नकद राशि गुप्त रूप से दी जाएगी तथा सूचना देने वाले का नाम गुप्त रखा जाएगा।
इस अवसर पर उप-सिविल सर्जन (एनएचएम) कैथल डा. बलविंद्र गर्ग, नोडल अधिकारी (पीएनडीटी) कैथल डा. गौरव पुनिया, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. नवराज, प्रधान आईएमए कैथल डा. ललित जांगड़ा तथा जिला कैथल के पीसी-पीएनडीटी एक्ट के अंतर्गत रजिस्टर्ड अल्ट्रासाउंड केन्द्रों के संचालक/ऑपरेटर व प्राइवेट महिला चिकित्सा विशेषज्ञ मौजूद रहे।
