ईमेल, मैसेज व कॉल स्पूफिंग से रहें सतर्क: एसपी
कैथल पुलिस द्वारा आमजन को ईमेल, मैसेज व कॉल स्पूफिंग के माध्यम से होने वाली साइबर ठगी से बचाने के लिए एक महत्वपूर्ण एडवाइजरी जारी की गई है। एसपी मनप्रीत सिंह सूदन ने जिला वासियों से अपील की है कि वे किसी भी कॉल, मैसेज या ईमेल पर बिना सत्यापन भरोसा न करें। एसपी ने बताया कि वर्तमान समय में ईमेल स्पूफिंग, मैसेज स्पूफिंग और कॉल स्पूफिंग जैसे साइबर अपराध तेजी से बढ़ रहे हैं। इन तकनीकों के माध्यम से ठग किसी भी व्यक्ति, अधिकारी या संस्था के नाम व नंबर का इस्तेमाल कर लोगों को कॉल या मैसेज कर सकते हैं। कई मामलों में ठग खुद को बड़े अधिकारी बताकर लोगों को गुमराह करते हैं और तुरंत कार्रवाई या पैसे की मांग करते हैं। उन्होंने बताया कि कई बार कॉल करने वाले की आवाज और नंबर दोनों असली प्रतीत होते हैं, जिससे आमजन आसानी से झांसे में आ जाते हैं। ठग जानबूझकर जल्दबाजी और दबाव बनाकर लोगों से तुरंत निर्णय लेने को कहते हैं, जिससे वे बिना सोचे-समझे उनकी बातों में आ जाते हैं।
स्पूफिंग क्या है और कैसे काम करती है:*
• ईमेल स्पूफिंग: किसी अन्य व्यक्ति/संस्था के ईमेल आईडी जैसा दिखाकर फर्जी ईमेल भेजना।
• मैसेज स्पूफिंग: किसी विश्वसनीय संस्था या बैंक के नाम से फर्जी मैसेज भेजना।
• कॉल स्पूफिंग: किसी अन्य व्यक्ति या अधिकारी के नंबर से कॉल दिखाकर बात करना।
एसपी ने बताया कि कई मामलों में ठग कॉल तो किसी के नंबर से कर लेते हैं, लेकिन उस नंबर पर कॉल रिसीव नहीं कर पाते। इसी प्रकार फर्जी ईमेल भेजा जा सकता है, लेकिन उसी ईमेल पर जवाब प्राप्त नहीं होता।
*बचाव के लिए महत्वपूर्ण सावधानियां:*
• किसी भी कॉल, मैसेज या ईमेल पर तुरंत विश्वास न करें।
• यदि कोई व्यक्ति खुद को अधिकारी/परिचित बताकर बात करे, तो घबराएं नहीं।
• ऐसी स्थिति में तुरंत उसी नंबर पर कॉल बैक कर सत्यापन करें।
• यदि कॉल बैक न लगे या संदेह हो, तो संबंधित विभाग/व्यक्ति के आधिकारिक नंबर पर संपर्क करें।
• किसी भी प्रकार की इमरजेंसी या दबाव में आकर पैसे या जानकारी साझा न करें।
• ओटीपी, एटीएम पिन, पासवर्ड या बैंक डिटेल किसी के साथ साझा न करें।
एसपी ने बताया कि यदि कोई व्यक्ति इस प्रकार की ठगी का शिकार होता है या उसे कोई संदिग्ध कॉल/मैसेज/ईमेल प्राप्त होता है, तो तुरंत राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करके शिकायत दर्ज करें। समय पर दी गई सूचना से नुकसान को रोका जा सकता है।
