विदेशी रिश्तेदार बनकर लाखों रुपए ठगी मामले में तीसरा आरोपी काबू
जिला पुलिस द्वारा आमजन को जहां पर साइबर ठगी से बचने बारे जागरूक किया जा रहा है, वही पर एसपी मनप्रीत सिंह सूदन के आदेशानुसार साइबर ठगो पर शिकंजा भी कसा जा रहा है। ऐसे ही विदेशी रिश्तेदार बनकर लाखों रुपए साइबर ठगी मामले की जांच थाना साइबर क्राइम में टीम इंचार्ज एएसआई मनीष कुमार की अगुवाई में एएसआई विनोद कुमार की टीम द्वारा करते हुए आरोपी बिहार के जिला गोपालगंज के गांव वरदावन निवासी अरविंद कुमार को काबू कर लिया गया। पुलिस प्रवक्ता ने बताया की गांव किछाना निवासी कुलबीर सिंह की शिकायत अनुसार 2 दिसंबर 2025 को उसके मोबाइल पर एक व्हाट्सएप कॉल आई। कॉल करने वाले व्यक्ति ने खुद को उसका भांजा “सौरभ” (कनाडा निवासी) बताया। जब शिकायतकर्ता ने उसे पहचानने से इंकार किया तो आरोपी ने भरोसा जीतने के लिए कहा कि वह विदेश से उसके खाते में 8 लाख रुपये भेज रहा है। इसके बाद आरोपी ने एक फर्जी बैंक रसीद भेजी, जिसमें 8 लाख 16 हजार रुपये ट्रांसफर दिखाए गए। साथ ही उसने कहा कि इस रकम में से 2 लाख 80 हजार रुपये उसके एक दोस्त को देने हैं और उसका नंबर भी भेज दिया। कुछ देर बाद एक अन्य नंबर से कॉल आई, जिसमें खुद को बैंक अधिकारी बताकर कहा गया कि कनाडा से आई राशि 24 घंटे बाद खाते में दिखाई देगी। इस तरह शिकायतकर्ता को पूरी तरह भ्रमित कर दिया गया। इसके बाद तीसरी कॉल एक व्यक्ति “हरजीत सिंह” के नाम से आई, जिसने खुद को सौरभ का दोस्त बताया और कहा कि उसकी पत्नी दिल्ली के अस्पताल में भर्ती है, इसलिए उसे तुरंत पैसों की जरूरत है। उसने अपना बैंक खाता नंबर भेजकर 2 लाख 80 हजार रुपये ट्रांसफर करने को कहा। शिकायतकर्ता ने भरोसे में आकर अपने खाते से उक्त रकम आरोपी के बताए खाते में भेज दी। इसके बाद आरोपियों ने और 1 लाख रुपये की मांग की और मना करने पर अभद्र व्यवहार करने लगे। तभी शिकायतकर्ता को शक हुआ कि उसके साथ धोखाधड़ी हुई है। जिस बारे थाना साइबर क्राइम में मामला दर्ज किया गया। उक्त मामले में आरोपी दीपक व अजय को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका हैं। गिरफ्तार आरोपी दीपक ने अजय को 10 हजार रुपये कमीशन पर बैंक खाता उपलब्ध करवाया था, जिसके जरिए ठगी की राशि ट्रांसफर की गई। उक्त खाते में 2 लाख 80 हजार रुपए ट्रांसफर हुए थे, पुलिस द्वारा त्वरित कार्रवाई तहत 1 लाख 51 हजार रिफण्ड करवाए जा चुके है। उक्त बैंक खाता आगे अजय ने 20 हजार रुपये कमीशन पर आरोपी अरविंद को उपलब्ध करवाया था। आरोपी अरविंद द्वारा खाता अन्य आरोपी को दिया गया था। आरोपी को अदालत के आदेशानुसार न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
