सूरजकुंड मेले में दिखी हरियाणवी संस्कृति की झलक

चंडीगढ़। सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय शिल्प मेले की विभिन्न चौपालों पर देश-विदेश से आए कलाकार अपनी समृद्ध संस्कृति की छटा बिखेर रहे हैं। मंगलवार को छोटी और बड़ी चौपाल पर विभिन्न राज्य और देशों के कलाकारों ने गायन, वादन व नृत्य कला से दिनभर पर्यटकों का मनोरंजन किया। मुख्य चौपाल पर मध्यप्रदेश के कलाकारों ने घनघोर नृत्य की शानदार प्रस्तुति दी। वहीं कोमोरोस से आए कलाकारों ने उत्सव नृत्य कर चौपाल में बैठे पर्यटकों को झूमने पर मजबूर कर दिया।
थीम स्टेट ओडिशा के कलाकारों ने छऊ नृत्य की प्रस्तुति दी। यह नृत्य भारत का एक लोकप्रिय जनजातीय नृत्य है। यह नृत्य मार्शल आर्ट और लोक परंपराओं से प्रेरित है। वहीं असम से आए कलाकारों ने बीहू नृत्य से दर्शकों को थिरकने पर मजबूर कर दिया। घाना से आए कलाकारों ने नकाबोम डांस की प्रस्तुति दी और किर्गिस्तान ने अरूके नृत्य की प्रस्तुति दी। अफ्रीका के पश्चिमी देश टोगो के कलाकारों ने सुंदर झलकियों का रंग अपने गायन व नृत्य कला के माध्यम से चौपाल पर बैठे सभी पर्यटकों पर बिखेरा। इसी प्रकार मंगलवार को मेले की छोटी चौपाल भी गुलजार रही। हरियाणा कला परिषद द्वारा छोटी चौपाल पर दिनभर लोक कलाकारों ने शानदार प्रस्तुति दी। छोटी चौपाल पर रोहतास एंड पार्टी व नरेश चौहान एंड पार्टी द्वारा हरियाणवी रागनी तथा अंकित एंड पार्टी द्वारा कलासिकल डांस परफॉर्मेंस दी गई। वहीं हरियाणवी आर्केस्ट्रा, ग्रुप डांस, सोलो डांस, कथक, हिंदी गीत की प्रस्तुति भी दी गई।
प्राकृतिक खूबसूरती की मिसाल पेश कर रहा है मध्य प्रदेश पवेलियन
चंडीगढ़। सूरजकुंड अंतर्राष्ट्रीय शिल्प मेले में इस बार ओडिशा के साथ मध्य प्रदेश को भी थीम स्टेट का सम्मान दिया गया है। खासतौर पर मध्य प्रदेश का पवेलियन दर्शकों के बीच आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। इस पवेलियन को राज्य के प्राकृतिक संपदा से समृद्ध राष्ट्रीय उद्यानों, जंगल सफारी और पारंपरिक हस्तशिल्प से सजाया गया है, जिन्हें देखकर पर्यटक और कला प्रेमी दोनों ही आकर्षित हो रहे हैं।

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