ढेंचा उगाने वाले किसानों के मिलेंगे एक हजार रुपये, कृषि मंत्री ने दी जानकारी

-4 लाख एकड़ में फसल विविधिकरण का लक्ष्य

चंडीगढ़ (10 मई) : हरियाणा सरकार ने राज्य में हरित खाद को बढ़ावा देने और किसानों को रासायनिक खाद पर निर्भरता से मुक्त करने के उद्देश्य से जो किसान अपनी जमीन पर ढेंचा हरित खाद के रूप में उगाएंगे, उन्हें सरकार की ओर से नकद प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी। यह राशि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से सीधे किसानों के बैंक खातों में भेजी जाएगी।
कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ढेंचा उगाने वाले किसानों को प्रति एकड़ एक हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। ढेंचा एक प्राकृतिक खाद है जो मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने, नमी बनाए रखने और उत्पादन लागत घटाने में सहायक है। यह योजना पहली बार प्रदेशभर में लागू की जा रही है, जिससे हजारों किसानों को लाभ होगा।
ढेंचा एक फलीदार फसल है, जिसे कटाई से पहले मिट्टी में जोतकर जैविक खाद तैयार की जाती है। यह फ़सल मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने में भी सहायक होती हैं क्योंकि ये नाइट्रोजन स्थिरीकरण करती हैं और नाइट्रोजन की पूर्ति करती है। विशेषज्ञों का कहना है कि इससे मिट्टी की संरचना बेहतर होती है और लंबे समय तक उत्पादकता बनी रहती है।
कृषि मंत्री ने किसानों से अपील की कि वे अपनी ढेंचा फसल की फोटो ‘मेरी फसल मेरा ब्यौरा’ पोर्टल पर समय रहते अपलोड करें, इसके बिना योजना का लाभ नहीं मिल पाएगा। सरकार ने राज्य के 22 जिलों में 4 लाख एकड़ भूमि पर फसल विविधिकरण का लक्ष्य रखा है, जिसमें ढेंचा की फ़सल को प्रमुखता दी जा रही है। इस योजना से अनुमानित 3 लाख से अधिक किसानों को लाभ मिलेगा।

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