प्लॉट पर कब्जा करने के मामले में दूसरा आरोपी गिरफ्तार

जालसाजी व धोकाधड़ी करने वाले अपराधियों की धरपकड़ तहत प्लॉट पर कब्जा करने के मामले में इकनॉमिक सैल द्वारा एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया।   

पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि गांव तारागढ़ हाल चंडीगढ़ निवासी नीलम चौधरी की शिकायत अनुसार उसने गांव तारागढ़ निवासी सुनील कुमार पुत्र चंद्रभान से प्लॉट नंबर-110, रकबा 154 वर्ग गज खरीदा था, जिसकी पूर्ण भुगतान संबंधी लिखित रसीद (फुल पेमेंट का ब्याना) उसके पास मौजूद है। शिकायत के अनुसार उक्त प्लॉट का कब्जा पहले सुनील कुमार के पास था और वर्तमान में शिकायतकर्ता के कब्जे में है। जब आरोपियों ने प्लॉट पर अवैध कब्जा करने का प्रयास किया तो इस संबंध में वर्ष 2017 में एसडीएम कैथल की अदालत में मामला दायर किया गया था। सुनवाई के दौरान धारा 145 सीआरपीसी के तहत कार्रवाई की गई और शिकायत के अनुसार उस समय प्लॉट पर सुनील कुमार का कब्जा बरकरार माना गया। इसके बाद रामभगत निवासी राजौंद द्वारा उच्च न्यायालय, चंडीगढ़ में अपील दायर की गई, जो अभी विचाराधीन है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि जांच के दौरान उसे पता चला कि आरोपियों ने राजस्व विभाग के कुछ अधिकारियों के साथ मिलीभगत कर वर्ष 1990 की रजिस्ट्री नंबर 683/1 में कथित रूप से कटिंग एवं ओवरराइटिंग कर मूल खरीदार का नाम तथा भूमि का विवरण बदल दिया। शिकायत के अनुसार उक्त रजिस्ट्री मूल रूप से बलबीर पुत्र जूना निवासी गांव थुआ के नाम भूमि नंबर-135 के संबंध में दर्ज थी, लेकिन बाद में उसमें कथित रूप से राम भगत का नाम और प्लॉट नंबर-110 दर्ज कर दिया गया। शिकायत अनुसार इसी कथित फर्जी रजिस्ट्री के आधार पर लगभग 27 वर्ष बाद वर्ष 2017 में राम भगत के नाम इंतकाल दर्ज कराया गया तथा वर्ष 2018 में नन्ही देवी के नाम फुल पेमेंट का ब्याना तैयार किया गया। इसके अतिरिक्त नगर परिषद का रिकॉर्ड, प्रॉपर्टी आईडी, बिजली बिल तथा अन्य दस्तावेज भी कथित रूप से फर्जी तरीके से तैयार कराकर प्लॉट पर स्वामित्व का दावा करने का प्रयास किया गया। शिकायतकर्ता अनुसार जब उसने संबंधित रजिस्टरों का निरीक्षण किया तो रजिस्ट्री नंबर 683/1 पर ही कटिंग एवं ओवरराइटिंग दिखाई दी, जबकि उसके आसपास दर्ज अन्य रजिस्ट्रियों में किसी प्रकार की छेड़छाड़ नहीं थी। शिकायत के अनुसार अर्जनवीस के रजिस्टर में भी मूल खरीदार का नाम बलबीर ही दर्ज है तथा उसके बाद की राजस्व रिकॉर्ड की पूरी श्रृंखला भूमि नंबर-135 के संबंध में यथावत दर्ज है, जिससे कथित फर्जीवाड़े की पुष्टि होती है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि उक्त व्यक्तियों ने न केवल उसके साथ धोखाधड़ी की, बल्कि सरकारी रिकॉर्ड में कथित हेराफेरी कर सरकारी अभिलेखों की विश्वसनीयता को भी प्रभावित किया है। शिकायत के आधार पर थाना सिविल लाइन में मामला दर्ज किया गया। मामले की जांच इकनॉमिक सैल प्रभारी इंस्पेक्टर ओमप्रकाश की अगुवाई में एएसआई सुरेंद्र की टीम द्वारा करते हुए आरोपी गांव तितरम हाल बालाजी कालोनी कैथल निवासी मेहर सिंह को काबू कर लिया गया। उक्त मामले में पहले आरोपी रामभगत को काबू किया जा चुका है। उक्त मामले में सभी फर्जी दस्तावेज आरोपी मेहर सिंह द्वारा तैयार करवाए गए थे। व्यापक पूछताछ के लिए आरोपी का अदालत से 3 दिन पुलिस रिमांड हासिल किया गया है।

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