अवैध कॉलोनियों पर कार्रवाई के बाद पुन: निर्माण किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं : डीसी
डीसी अपराजिता की अध्यक्षता में जिला टास्क फोर्स कमेटी की बैठक आयोजित की गई, जिसमें अवैध कॉलोनियों, अनधिकृत निर्माण और सड़कों पर अतिक्रमण हटाने को लेकर चल रही कार्रवाई की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा गया कि कार्रवाई के बाद पुन: निर्माण या अतिक्रमण किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करें। डीसी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जिन स्थानों पर अतिक्रमण हटाया गया है, वहां दोबारा कब्जा न हो, यह सुनिश्चित करना संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी है। उन्होंने एसडीएम को निर्देश दिए कि वे स्वयं भी कालोनियों का निरीक्षण करे। उन्होंने कहा कि बिना बिल्डिंग प्लान मंजूरी के निर्माण करना म्युनिसिपल बायलॉज का उल्लंघन है। इसमें नियमानुसार कार्रवाई अमल में लाई जाए। डीसी अपराजिता ने एनफोर्समेंट पुलिस तथा डीटीपी को पिछले साल व इस साल दर्ज की गई एफआईआर और उनसे संबंधित चालान की रिपोर्ट को व्यवस्थित कर नियमित अपडेट रखने के निर्देश दिए। इसी प्रकार नगर परिषद तथा सभी नगर पालिकाओं से अवैध निर्माण से संबंधित मामलों में की गई कार्रवाई की रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। डीसी ने कहा कि जब भी नगर परिषद, डीटीपी विभाग तथा नगर पालिका द्वारा कोई नोटिस जारी किया जाए या एफआईआर दर्ज की जाए, उसकी प्रति संबंधित एसडीएम को अनिवार्य रूप से भेजी जाए। इसी प्रकार उन्होंने एनएचएआई, पीडब्ल्यूडी, एनएचएआई और मार्केट कमेटी को निर्देश दिए गए कि वे अपनी अपनी सड़कों से अवैध निर्माण को हटाएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि अवैध निर्माण और अतिक्रमण के खिलाफ अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। बैठक में डीटीपी प्रवीन कुमार ने जानकारी दी कि फरवरी और मार्च माह में 10 जगह पर तोड़फोड़ की कार्रवाई की लक्ष्य था, जिसमें से 8 में सफलतापूर्वक कार्रवाई की गई। यह कार्रवाई कैथल, पूंडरी, ढांड, चीका व कलायत के विभिन्न क्षेत्रों में की गई। इन मामलों में नियमित रूप से एफआईआर भी दर्ज करवाई जा रहा है। इस अवसर पर कैथल एसडीएम गुरविंद्र सिंह, गुहला चीका एसडीएम कैप्टन प्रमेश कुमार, डीएसपी बीरभान, डीटीपी प्रवीन कुमार, ईओ संदीप सोलंकी सहित संबंधित नगर पालिकाओं के सचिव व अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
