लोगों की शिकायतों के समाधान में तेजी लाएं अधिकारी : अनिल विज

-कैथल में जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक में मंत्री विज ने सुनी शिकायतें, एएसआई को निलंबित करने के आदेश
-सीवन ग्राम पंचायत सचिव व जेई को चार्जशीट व सरपंच के खिलाफ कार्रवाई के लिए डीसी को दिए निर्देश
कैथल खबर (10 जनवरी) : हरियाणा के परिवहन, ऊर्जा एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने कहा कि अधिकारी आमजन की शिकायतों पर सुनवाई में तेजी लाएं और समय पर कार्रवाई करके उन्हें राहत पहुंचाएं। कोई भी शिकायत लंबे समय तक लंबित न रहे। सरकार के लिए जनता के हित सर्वोपरि हैं। सभी को मूलभूत सेवाएं प्रदान करना सरकार व प्रशासन का दायित्व है। सभी विकास कार्यों को गुणवत्तापूर्ण एवं तेजी से पूरा किया जाए। यदि लापरवाही पाई जाती है तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
हरियाणा के परिवहन, ऊर्जा एवं श्रम मंत्री अनिल विज शुक्रवार को आरकेएसडी कॉलेज के हाल में जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक के दौरान संबंधित विभागों के अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दे रहे थे।
बैठक में कुल 13 मामले रखे गए, जिनमें पांच पुराने तथा आठ नए मामलों पर सुनवाई की गई। पुराने मामलों के अंतर्गत पहली शिकायत बलराज नगर निवासी चतरा सिंह की जमीनी विवाद को लेकर थी, इसमें पुलिस विभाग द्वारा एफआईआर दर्ज करके आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया। इस शिकायत का मौके पर ही निपटारा कर दिया गया।
दूसरी शिकायत रोहेड़ा निवासी भीम सिंह की थी कि उसके घर से 12 अगस्त 2024 को गहने व नकदी चोरी हो गई थी। पुलिस ने इस मामले में एसआईटी गठित करते हुए दो आरोपियों की गिरफ्तार कर लिया, जिस पर शिकायतकर्ता ने पुलिस का धन्यवाद किया। इस मामले का निपटान हो गया।
अगली शिकायत में एक महिला ने पिछली बैठक में अपनी नाबालिग बेटी के साथ दुष्कर्म की शिकायत दी थी। जिसमें मंत्री अनिल विज द्वारा आरोपी को गिरफ्तार करने के आदेश दिए थे। इस मामले में पुलिस ने बताया कि इस मामले में एफआईआर दर्ज करके आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। जिस पर इस शिकायत का निपटान कर दिया गया।
पुरानी शिकायतों में चौथे मामले में सीवन निवासी मुकेश कुमार की गली निर्माण के दौरान घर में आई दरारों पर मुआवजे की मांग के मामले में मंत्री श्री अनिल विज ने एसडीएम कैथल की अगुवाई में कमेटी का गठन कर कार्रवाई के आदेश दिए थे। इस पर एसडीएम कैथल अजय सिंह ने बताया कि जांच में सरपंच, पंचायत में ग्राम सचिव, पंचायत राज विभाग से जेई की लापरवाही पाई गई है। जिस पर मंत्री ने सरपंच के खिलाफ डीसी कैथल को कार्रवाई के आदेश जारी किए। वहीं जेई व ग्राम सचिव के खिलाफ चार्जशीट करने के आदेश जारी किए। साथ ही पीडि़त के मकान नुकसान का आंकलन कुरुक्षेत्र इंजीनियरिंग कॉलेज की टीम से करवाए जाने के आदेश भी जारी किए।
पांचवीं शिकायत में गांव धर्मपुरा में सबमर्सिबल बोर व पाइप लाइन बिछाने की मांग पर जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि वहां पाइपलाइन का कार्य पूरा हो गया है। सबमर्सिबल बोर लगवाने में कुछ लोग बाधा पहुंचा रहे हैं। इस पर मंत्री श्री अनिल विज ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बोर लगाने का कार्य जल्द किया जाए। यदि कोई बाधा पहुंचाता है तो पुलिस सहायता ली जाए। एक अन्य पुरानी शिकायत पर मंत्री ने ग्योंग ड्रेन में दूषित पानी डाले जाने पर तीन विभागों पर एफआईआर के आदेश पर जवाब मांगा। जिस पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों ने बताया कि तीनों विभागों ने जुर्माना जमा करवा दिया है। मंत्री ने इस मामले को लंबित रखने के आदेश जारी किए हैं।
नई शिकायतों में गांव किठाना निवासी पवन कुमार ने अपनी शिकायत में कहा कि 16 सितंबर 2024 को स्कूल बस से उतरने के बाद एक वाहन चालक ने उसके आठ साल के बेटे को गांव किठाना में टक्कर मार दी। बाद में इलाज के दौरान उसके बेटे की मौत हो गई थी। उसने स्कूल प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी, क्योंकि बस संचालन में हेल्पर न होने सहित कई तरह की लापरवाही थी। जिस पर मंत्री ने स्कूल प्रबंधन के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने के साथ-साथ मामले की जांच में लापरवाही बरतने पर जांच अधिकारी एएसआई सुखदेव को निलंबित करने के आदेश जारी किए। साथ ही बीमा कंपनी से उचित मुआवजा दिलाये जाने के लिए भी पुलिस को आदेश जारी किए।
दूसरी शिकायत में पाड़ला निवासी नरेश कुमार ने शिकायत दी थी कि को-ओप्रेटिव सोसाइटी पाड़ला में दस कर्मचारी नियमों का उल्लंघन कर भर्ती किए हैं। एसडीएम कैथल अजय कुमार ने बताया कि इस मामले में न्यायालय में सुनवाई चल रही है। इस मामले में कार्रवाई की मांग पर मंत्री विज ने जिला न्यायवादी (डिस्ट्रिक्ट अटॉर्नी) से उचित परामर्श लेकर आवश्यक कार्रवाई करने के आदेश जारी किए।
एक अन्य शिकायत गांव सजूमा निवासी प्रदीप कुमार व अन्य ने शिकायत दी थी कि गांव में अनुसूचित जाति की बस्ती में गली के बीच में वाल्व के कारण दूषित पेयजल आपूर्ति की समस्या है। इस पर मंत्री ने जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को पेयजल आपूर्ति को ठीक करने सहित खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए कि गली के दोनों ओर के घरों से पेयजल के सैंपल लेकर जांच करवाएं। इसके साथ-साथ इस शिकायत समाधान में देरी के लिए एडीसी कैथल को जांच के निर्देश जारी किए।
अमरगढ़ गामड़ी निवासी अशोक कुमार ने शिकायत में इंडियन बैंक कैथल से खरीदी गई अधिकृत कालोनी की प्रॉपर्टी को अब अनाधिकृत बताकर रजिस्ट्री नहीं करवाई जा रही है। उसने जमीन की रजिस्ट्री करवाए जाने की मांग की। इस पर मंत्री अनिल विज ने एसडीएम कैथल की अध्यक्षता में एक कमेटी का गठन कर जांच के आदेश जारी किए।
इसी प्रकार से कुरुक्षेत्र निवासी ईश्म सिंह ने शिकायत दी थी कि हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण में उसके दो प्लाट निकले हैं। एक प्लाट को विभाग के अधिकारियों ने उसे एफआईआर का डर दिखाकर सरेंडर करवा दिया। जबकि उसके इस प्लाट की पूर्ण राशि आज भी एचएसवीपी कार्यालय में जमा है। उसने विभागीय अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। इस पर मंत्री विज ने मौके पर ही एचएसवीपी के प्रशासक चंद्रशेखर खरे को फोन कर मामले की जांच करने नियमानुसार सख्त से सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए।


अगली शिकायत में गांव बाबा लदाना निवासी राजेश कुमार ने उसकी जमीन में लगे ट्रांसफार्मर को हटवाने के लिए निगम द्वारा 86 हजार रुपये जमा करवाने व प्राइवेट लोगों से ट्रांसफार्मर हटवाने की बात कहे जाने पर मंत्री ने निगम के अधिकारी से जवाब मांगा। इस पर निगम एक्सईएन ने बताया कि नियमानुसार प्रार्थी को यह राशि जमा करवानी होगी। इस पर मंत्री ने शिकायतकर्ता को राशि जमा करवाने को कहा। साथ ही डीसी कैथल को निर्देश दिए कि अब तक निजी प्रॉपर्टी से ट्रांसफार्मर हटाने के मामलों में जांच करें कि कितने मामलों में नियमानुसार राशि जमा करवाई गई है।
गांव खरौदी निवासी रामप्रताप ने मंत्री को दी शिकायत में कहा कि गांव में अनुसूचित जाति की चौपाल बनाए जाने का टेंडर छोड़ा गया था। निर्माण एजेंसी ने अभी तक काम पूरा नहीं किया है। जिस कारण वहां हादसों का डर बना हुआ है और निर्माण सामग्री खराब हो रही है। इस पर मंत्री अनिल विज द्वारा पूछने पर पंचायती राज के एक्सईएन ने बताया कि चौपाल पर लेंटर लगा दिया गया है और फरवरी माह तक काम पूरा हो जाएगा। साथ ही तय समय में काम पूरा न करने पर निर्माण एजेंसी को जुर्माना किया गया है। इस पर मंत्री ने निर्माण एजेंसी के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने के आदेश जारी किए। नई शिकायतों में आखिरी शिकायत में सौंगल निवासी जसबीर सिंह ने बताया कि वे हैफेड में सिक्योरिटी गार्ड के पद पर कार्यरत थे। उनका तीन-चार माह से मानदेय नहीं दिया गया है। इस पर मंत्री ने डीएम हैफेड से जवाब मांगा। साथ ही श्रम विभाग को निर्देश दिए कि मामले की जांच कर पात्र पाए जाने पर शिकायतकर्ताओं को मानदेय दिलवाया जाए।
इस अवसर पर डीसी प्रीति, एडीसी दीपक बाबू लाल करवा, जिला परिषद चेयरमैन कर्मबीर कौल, जिला भाजपा अध्यक्ष मुनीष कठवाड़, भाजपा जिला महामंत्री सुरेश संधू, डीएमसी सुशील कुमार, गुहला एसडीएम कृष्ण कुमार, एचएसवीपी के ईओ वकील अहमद, कैथल एसडीएम अजय कुमार सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

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