विदेश भेजने के नाम पर ठगी करने वाला आरोपी गिरफ्तार
विदेश भेजने के नाम पर लोगों से धोखाधड़ी करने वाले एजेंटों के विरुद्ध एसपी मनप्रीत सिंह सूदन के आदेशानुसार कार्रवाई करते हुए कैथल पुलिस की एंटी इमिग्रेशन सेल ने करीब 63 लाख 60 हजार रुपये की धोखाधड़ी मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया है।
पुलिस प्रवक्ता ने बताया की सिमरनजीत सिंह निवासी गांव हाबड़ी की शिकायत अनुसार वह खेतीबाड़ी करता है और करीब सात वर्ष कनाडा में पढ़ाई करने के बाद मार्च 2025 में भारत लौटा था। इसके बाद वह अपने परिवार सहित दोबारा कनाडा जाने और वहां कंस्ट्रक्शन सुपरवाइजर के पद पर वर्क परमिट प्राप्त करने का इच्छुक था। इसी दौरान उसने फेसबुक पर चंडीगढ़ स्थित ग्रे इमिग्रेशन लॉ फर्म का विज्ञापन देखा। विज्ञापन के माध्यम से संपर्क करने पर कुछ व्यक्तियों ने स्वयं को इमिग्रेशन विशेषज्ञ बताते हुए उसे परिवार सहित कनाडा भेजने और वर्क परमिट दिलाने का आश्वासन दिया। इसके बाद उसकी बातचीत प्रदीप कुमार, गुरदीप सिंह, रेशब और रमित कुमार सहित अन्य व्यक्तियों से होने लगी। अक्टूबर 2025 में प्रदीप कुमार और गुरदीप सिंह ने शिकायतकर्ता को कैथल बाईपास, पुंडरी-कैथल रोड पर बुलाया। वहां कनाडा भेजने के लिए प्रति व्यक्ति करीब 30 लाख रुपये की मांग की गई। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि उसने नकदी, पासपोर्ट और आवश्यक दस्तावेज आरोपियों को सौंप दिए। इसके बाद वीजा फीस, एंबेसी फीस, वर्क परमिट संबंधी खर्च तथा अन्य प्रक्रियाओं के नाम पर अलग-अलग तारीखों में बैंक खातों, ऑनलाइन माध्यमों और नकद के जरिए रकम दी।आरोपियों ने बाद में उसके भाई बेअंत सिंह तथा गांव के अन्य व्यक्तियों गुरशरण सिंह और निहाल सिंह के परिवार को भी कनाडा भेजने का भरोसा दिया। इन लोगों के पासपोर्ट और दस्तावेज लेकर उन्हें प्राइम इमिग्रेशन सर्विस नामक फर्म के माध्यम से प्रक्रिया पूरी करवाने की बात कही गई। शिकायत के अनुसार, इस फर्म के कार्यालय में भी अलग-अलग मदों के नाम पर रकम ली गई। अक्टूबर 2025 से फरवरी 2026 के दौरान आरोपियों के कहने पर विभिन्न बैंक खातों में कई बार रकम जमा करवाई गई। इनमें वीजा एवं एंबेसी फीस, फाइल चार्ज, कथित अतिरिक्त प्रक्रिया शुल्क और अन्य खर्चों के नाम पर भुगतान शामिल था। फरवरी 2026 के अंतिम दिनों में वह अपने भाई और अन्य व्यक्ति के साथ चंडीगढ़ स्थित प्राइम इमिग्रेशन सर्विस के कार्यालय पहुंचा, जहां आरोपियों को अंतिम भुगतान के तौर पर 10 लाख रुपये नकद दिए गए। इसके बावजूद उन्हें कनाडा का वीजा और वर्क परमिट नहीं मिला। आरोपियों ने कई बार फोन और व्हाट्सऐप के माध्यम से वीजा तैयार होने की बात कहकर शेष रकम जमा करवाने के लिए कहा। बाद में जब उसने अपने पैसे, पासपोर्ट और अन्य दस्तावेज वापस मांगे तो उसे कथित तौर पर टालमटोल का सामना करना पड़ा। आरोपियों ने रकम की गारंटी के तौर पर विभिन्न बैंक खातों के चार चेक भी दिए थे। जब उसने निर्धारित समय पर चेक बैंक में लगाए तो भुगतान नहीं हो सका। शिकायतकर्ता अनुसार उससे करीब 63.60 लाख रुपये की धोखाधड़ी की गई। जिस बारे थाना पूंडरी में मामला दर्ज किया गया था। मामले की जांच एंटी इमिग्रेशन सेल प्रभारी पीएसआई अमन की अगुवाई में एएसआई जसबीर सिंह द्वारा करते हुए आरोपी मोतिया हरमोनी सिटी मोहाली निवासी रिषभ को गिरफ्तार कर लिया गया। व्यापक पूछताछ के लिए आरोपी का अदालत से एक दिन पुलिस रिमांड हासिल किया गया है।
