पिक एंड ड्राप की सुविधा से हुई दिव्यांग परीक्षार्थियों की परीक्षा देने की राह आसान
दो दिनों के चार सत्रों में आयोजित सीईटी की परीक्षा में सरकार के आदेशानुसार जिला प्रशासन ने दिव्यांगजनों को घर से लाने व परीक्षा के बाद वापस घर छोड़ने के लिए व्यापक प्रबंध किए थे। अधिकारियों व कर्मचारियों की स्पेशल ड्यूटियां लगाई गई थी, ताकि उन्हें घर से लेकर परीक्षा केंद्र तक किसी भी प्रकार कोई परेशानी न आए। पिक एंड ड्राप की सुविधा से दिव्यांग परीक्षार्थियों परीक्षा देने की राह आसान हुई। जैसे ही हरियाणा सरकार की गाड़ियां उनके घर पर पहुंची तो परीक्षार्थियों को सुखद एहसास हुआ और वे खुशी-खुशी सहज भाव से सुविधाजनक अपने परीक्षा केंद्र के गेट पर पहुंचे। ड्यूटी पर तैनात प्रशासनिक अधिकारी एवं पुलिस कर्मचारी मदद के लिए दौड़े तो कहीं पर व्हीलचेयर के माध्यम से दिव्यांग को अंदर परीक्षा केंद्र तक पहुंचाया गया। दिव्यांगजनों ने सरकार की इस पहल पर आभार जताया है।

गांव कुराड़ के दिव्यांग ऋषिपाल ने कहा कि मैं हरियाणा सरकार व मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी जी का धन्यवाद करता हूं, जिन्होंने प्रत्येक दिव्यांग को परीक्षा केंद्र तक पहुंचाने के लिए सरकारी वाहनों की अच्छी व्यवस्था की है। उन्होंने जिला प्रशासन में डीसी प्रीति का भी धन्यवाद किया कि उन्होंने दिव्यांगजों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए परीक्षा केंद्रों पर हर प्रकार की सुविधा दिव्यांगजनों के लिए मुहैया करवाई है और सरकारी वाहनों उपलब्ध करवाए हैं। आज मैं भी सुविधाजनक तौर करनाल रोड स्थित आईजी कॉलेज में परीक्षा देने के लिए पहुंचा हूं और मैं इस व्यवस्था से बहुत खुश और संतुष्ट हूं। पहले भीड़-भाड़ में बसों में चढ़ना ही मुश्किल होता था, किसी तरह परीक्षा में पहुंचते थे तो थक हार जाते थे। इस बार सहज भाव से परीक्षा दे सके तो सरकार की इस सुविधा के कारण।
गांव बाकल निवासी दिव्यांग बलिंद्र सिंह सीईटी की परीक्षा देने के लिए ढांड रोड स्थित आईजी स्कूल में सरकारी गाड़ी में पहुंचे। उन्होंने कहा कि पहले भी हमने बहुत परीक्षाएं दी थी और हमें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता था, लेकिन पहली बार मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी जी व प्रशासन ने मुझे घर से परीक्षा केंद्र तक लाने की सुविधा प्रदान की है, हमें बहुत खुशी हुई। सरकार व प्रशासन की यह अच्छी पहल है, जो दिव्यांगजन के कल्याणार्थ है।
जाट कॉलेज में सीईटी की परीक्षा देने पहुंचे एक दिव्यांग ने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी जी, प्रशासन तथा परीक्षा केंद्रों का स्टाफ का बहुत-बहुत धन्यवाद करता हूं। प्रशासन की तरफ से मुझे फोन आया था और उन्होंने सरकारी गाड़ी घर तक पहुंचाने के लिए कहा था, लेकिन मेरी पर्सनल समस्या थी तो मैंने मना कर दिया और मैं स्वयं ऑटो के माध्यम से जाट कॉलेज परीक्षा केंद्र तक पहुंचा। जब मैं परीक्षा केंद्र में पहुंचा तो वहां प्रशासन के अधिकारी, कर्मचारी, पुलिस कर्मचारी व परीक्षा केंद्र के कर्मचारी मेरी मदद के लिए दौड़े और व्हील चेयर के माध्यम से परीक्षा केंद्र में सीट तक पहुंचाया।

दिव्यांग राजेश कुमार ने कहा कि वह 70 प्रतिशत दिव्यांग है, उन्हें दूर आने-जाने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। पहले बस में आने-जाने में काफी दिक्कतें सहन करनी पड़ती थी। लेकिन इस बार प्रशासन स्वयं दिव्यांगजन के पास पहुंचा और सरकारी गाड़ी के माध्यम से घर से लेकर परीक्षा केंद्र तक पहुंचाने की सुविधा प्रदान की। हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी व प्रशासन की दिव्यांगजन के कल्याणार्थ जो पहल की है। काफी खुशी महसूस हो रही है।
