विदेश भेजने व प्लाट बेचने के लिए लाखों की ठगी, दो आरोपी पकड़े

कैथल। धोखाधड़ी कर लाखों रुपए ठगने वाले आरोपी पुलिस गिरफ्त में।

कैथल खबर (7 अप्रैल) : विदेश भेजने के नाम पर लाखों रुपए ठगी व प्लाट बेचने के नाम पर लाखों रुपए ठगी करने के मामलो में आर्थिक अपराध शाखा पुलिस द्वारा 2 अलग-अलग आरोपियों को काबू कर लिया गया। पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि युवकों को ऑस्ट्रेलिया भेजने के नाम पर ठगी मामले की जांच आर्थिक अपराध शाखा प्रभारी पीएसआई संदीप की अगुवाई में एएसआई दर्शन सिंह की टीम द्वारा आरोपी जिला करनाल के गांव गढ़ी बीरबल निवासी विकास कुमार को काबू किया है। उन्होंने बताया कि गांव संगरौली निवासी सुरेंद्र कुमार की शिकायत अनुसार वह नौकरी न मिलने से परेशान था, जिस कारण उसकी व उसके ताऊ के लडक़े जगमाल की विदेश जाकर काम करने की इच्छा हुई। जिला करनाल निवासी विकास उनके पड़ोसी का रिश्तेदार है। विकास ने झांसा दिया कि वह युवकों को विदेश भेजने का काम करता है। उसे ऑस्ट्रेलिया भेजने का झांसा दिया। उसे व उसके ताऊ के लडक़े को 25-25 लाख रुपए में ऑस्ट्रेलिया भेजने का झांसा दिया। टोकन मनी के तौर पर 5-5 लाख रुपए पहले जमा करवाने के लिए बोला। आरोपी ने कहा कि वीजा नहीं लगा तो जितने पैसे खर्च होंगे उसकी जिम्मेदारी हमारी होगी। गारंटी के तौर पर उन्हें हस्ताक्षर करके एक खाली चेक भी दिया, ताकि काम नहीं बनने पर वे अपने रुपए वापस ले सके। आरोपियों ने रुपए लेने के बाद उन्हें दुबई भेज दिया। 3 महीने दुबई में रहने के बाद उन्हें वापस भारत बुला लिया। दुबई रहने के दौरान उनके 1.80 लाख रुपए खर्च हो गए। आरोपियों ने कहा कि दुबई में आईडी व दस्तावेज बना दिए हैं, कागजात पुराने होने के बाद आगे भेज देंगे। 25 दिसंबर 2023 को उन्हें फिर से दुबई भेज दिया। आरोपी बोले कि 12 से 20 दिन में ऑस्ट्रेलिया का वीजा अप्लाई कर दिया जाएगा। इसके बाद 4 देशों में घुमा कर वापस दुबई छोड़ दिया। वहां वे 3 महीने अपने खर्च पर रुके। आरोपियों ने झांसा दिया कि कनाडा और आस्ट्रेलिया का वीजा अप्लाई करेंगे जिसके दस्तावेज तैयार करवाए है। 11 अप्रैल 2024 को वह भारत आ गया। उसके ताऊ का लडक़ा दुबई में ही रुका रहा। दोनों के 7.20 लाख रुपए खर्च हो गए थे। आरोपी विकास, प्रीतम व अमनदीप ने उनसे 26 लाख हड़प लिए व विदेश भी नहीं भेजा। जिस बारे थाना ढांड में मामला दर्ज किया गया। आरोपी को सोमवार को अदालत से व्यापक पूछताछ के लिए 2 दिन पुलिस रिमांड हासिल किया गया।
ठगी के दूसरे मामले की जांच इकनॉमिक सैल के एसआई मनबीर सिंह की टीम द्वारा करते हुए आरोपी गांव खेड़ी शेरखां निवासी कर्मबीर सिंह को काबू कर लिया गया। प्रवक्ता ने बताया कि गांव सेरधा निवासी जिले सिंह की शिकायत अनुसार उसने खेड़ी शेरखां निवासी कर्मबीर और राजौंद निवासी ओमप्रकाश के साथ राजौंद में 90 वर्ग गज का प्लॉट लेने को लेकर बातचीत की थी। 4 जून, 2024 को आरोपियों ने उसके नाम बयाना करवा दिया था। इसके लिए 3 जून को ही ओमप्रकाश के खाते में 7 लाख रुपए जमा करवा दिए थे। बयाना करवाते समय 2 लाख रुपए नकद दिए थे। उसे कहा गया था कि जब भी चाहे प्लॉट की रजिस्ट्री करवा दी जाएगी। कुछ दिनों के बाद उसने आरोपियों से रजिस्ट्री करवाने के लिए कहा तो वे कहने लगे कि उनके नाम पर तो कोई प्लॉट है ही नहीं। उन्होंने रजिस्ट्री करवाने से भी साफ मना कर दिया। पैसे वापस मांगे तो उसे जान से मारने की धमकी देने लगे। जिस बारे थाना राजौंद में मामला दर्ज किया गया। आरोपी न्यायालय के आदेशानुसार न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

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