बैंकर्स विभिन्न योजनाओं के लंबित ऋण आवेदन पत्रों का समयबद्ध करें निपटान : डीसी प्रीति
प्रधानमंत्री जनधन योजना के तहत खोले गए खातों की रि-केवाईसी करवाएं सुनिश्चित
डीसी प्रीति ने ली जिला स्तरीय समीक्षा समिति की बैठक
कैथल खबर (17 फरवरी): डीसी प्रीति ने कहा कि प्रधानमंत्री जनधन योजना के तहत 2014 में खोले गए खातों को दस साल से ज्यादा का समय हो गया है, इसलिए इनकी रि-केवाईसी होना अनिवार्य है। ग्राहक किसी भी शाखा से केवाईसी करवा सकता है। सभी बैंकर्स लोगों को इसके प्रति जागरूक करें और रि-केवाईसी करवाना सुनिश्चित करें। इसके साथ ही सभी योजनाओं के लंबित ऋण आवेदन पत्रों का समयबद्ध निपटान करें, ताकि जरूरतमंद व्यक्तियों को समय पर योजना का लाभ मिल सके। बैंक में आने वाले लोगों के साथ अच्छा व्यवहार किया जाए और उन्हें योजनाओं के संबंध में सही जानकारी दी जाए। इसके साथ ही अपने अपने एटीएम बूथों की सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित रखें।
डीसी प्रीति सोमवार को लघु सचिवालय स्थित सभागार में जिला स्तरीय समीक्षा समिति की बैठक के दौरान संबंधित अधिकारियों व बैंकर्स को आवश्यक दिशा-निर्देश दे रही थी। डीसी ने कहा कि केंद्र व प्रदेश सरकार की स्कीमों के अंतर्गत जरूरतमंद लोगों को विभिन्न विभागों के माध्यम से लाभ पहुंचाने के लिए आवेदन प्राप्त होते हैं, जिसके बाद उन्हें बैंकर्स के पास भेजा जाता है। इन स्वीकृत आवेदनों पर तुरंत कार्रवाई करते हुए आवेदकों को लाभ प्रदान करना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि बैंकर्स आरबीआई की गाइडलाइन की पालना अवश्य करें। इसके अलावा उन्होंने एजेंडा वाइज विभिन्न कार्यक्रमों व योजनाओं की समीक्षा की। जिसमें वित्तीय सुविधाओं की समीक्षा तथा जिले में स्थित बैंकों की क्षेत्रवार उपलद्ब्रिधयों के बारे में जाना। संबंधित अधिकारियों को रिकवरी संबंधित केसों को निपटाने के निर्देश दिए।
एलडीएम एसके नंदा ने कहा कि बैंक सरकार द्वारा निर्धारित लक्ष्यों को ध्यान में रखकर अपनी योजनाओं को समाज के अंतिम व्यक्ति तक ले जा रहा है। उन्होंने सभी बैंकर्स को कहा कि शिक्षा ऋण योजना के अंतर्गत सरलता से ज्यादा से ज्यादा लोन प्रदान करें। उन्होंने विभिन्न सरकारी स्कीमों के तहत बैंकर्स द्वारा उपलब्ध करवाई गई सुविधाओं के बारे में पूर्ण जानकारी दी। इस अवसर पर आरबीआई, नाबार्ड व विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
