अब आप भी अपने घर में ठहरा सकते हैं पर्यटक
पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए होम स्टे और फार्म स्टे योजनाएं लागू, एडीसी कार्यालय में करें आवेदन
पर्यटक स्थानीय संस्कृति और रहन-सहन का कर सकेंगे अनुभव, स्थानीय समुदाय को होगा लाभ
कैथल। एडीसी दीपक बाबूलाल करवा ने बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा पर्यटन को बढ़ावा देने एवं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करने के उद्देश्य से होम स्टे और फार्म स्टे योजनाएं अधिसूचित की गई हैं। होम स्टे योजना के अंतर्गत आवासीय घरों को पर्यटकों के ठहराव के लिए उपयोग में लाने की अनुमति दी गई है। इससे पर्यटक स्थानीय संस्कृति और रहन-सहन का अनुभव कर सकेंगे। वहीं फार्म स्टे योजना के तहत किसानों एवं कृषि भूमि स्वामियों को अपनी कृषि भूमि पर पर्यटकों के ठहराव हेतु सुविधाएं उपलब्ध कराने की अनुमति दी गई है। इसके माध्यम से पर्यटक ग्रामीण जीवन, खेती-बाड़ी और प्राकृतिक परिवेश का अनुभव कर सकेंगे। सरकार को विश्वास है कि इन योजनाओं से राज्य के पर्यटन क्षेत्र में नवाचार आएगा और स्थानीय समुदाय को प्रत्यक्ष लाभ प्राप्त होगा।
उन्होंने बताया कि दोनों योजनाओं के तहत पंजीकरण एवं लाइसेंस की प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाया गया है। सुरक्षा, स्वच्छता और मूलभूत सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जाएगा। स्थानीय निवासियों को रोजगार और अतिरिक्त आय के अवसर उपलब्ध होंगे।राज्य में पर्यावरणीय पर्यटन (श्वष्श ञ्जशह्वह्म्द्बह्यद्व) को भी बढ़ावा मिलेगा। उक्त योजनाओं से संबंधित विस्तृत जानकारी हरियाणा पर्यटन विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध है।
होम स्टे और फार्म स्टे शुरू करने के लिए लेना होगा लाइसेंस
एडीसी ने बताया कि इच्छुक आवेदक योजना के तहत पंजीकरण हेतु निर्धारित आवेदन पत्र भरेंगे, जो हरियाणा पर्यटन विभाग की वेबसाइट से डाउनलोड किया जा सकता है या अतिरिक्त उपायुक्त कार्यालय से प्राप्त किया जा सकता है। आवेदन के साथ स्व-घोषणा पत्र, संपत्ति स्वामित्व प्रमाण, पहचान पत्र, स्वच्छता एवं सुरक्षा शपथ पत्र, किरायानामा (यदि लागू हो) तथा पंजीकरण शुल्क (3,000 रुपये होम स्टे हेतु एवं 5,000 रुपये फार्म स्टे हेतु) की रसीद संलग्न करना अनिवार्य होगा। पंजीकरण प्रमाण-पत्र प्रत्येक वर्ष नवीनीकरण हेतु निर्धारित शुल्क के साथ नवीनीकृत करवाना अनिवार्य होगा।
जिला स्तर पर गठित की कमेटी
उन्होंने बताया कि जिला स्तर पर होम स्टे एवं फार्म स्टे आवेदनों की समीक्षा एवं अनुमोदन के लिए एक जिला स्तरीय कमेटी गठित की गई है, जिसकी अध्यक्षता अतिरिक्त उपायुक्त (एडीसी) करेंगे। कमेटी में पर्यटन विभाग, पुलिस विभाग, नगर निगम/नगर परिषद/नगर पालिका, कृषि एवं अन्य संबद्ध विभागों के प्रतिनिधि सदस्य के रूप में शामिल होंगे। कमेटी द्वारा प्रस्तावित स्थलों का भौतिक निरीक्षण कर आवश्यक मापदंडों की पूर्ति सुनिश्चित करने के उपरांत पंजीकरण स्वीकृत किया जाएगा।
