निर्णय लेने से पहले खुद से सवाल करें : अनिल मलिक

जवाहर नवोदय विद्यालय तितरम में निर्णय महत्व विषय पर आयोजित हुआ जागरूकता कार्यक्रम
कैथल खबर (26 मार्च) : मंडलीय बाल कल्याण अधिकारी रोहतक एवं राज्य नोडल अधिकारी अनिल मलिक ने कहा कि हम आज जो निर्णय लेते हैं, उससे घटनाओं की एक श्रृंखला शुरू होती है, जो भविष्य जीवन की दिशा तय करती है। इसलिए किशोरावस्था के दौरान विकल्पों का चुनाव भविष्य जीवन की नींव की तरह होता है। किशोरावस्था शारीरिक, मानसिक व भावनात्मक परिवर्तन की उम्र होती है, इसलिए कोई भी निर्णय लेने से पहले हर पक्ष पर पूरी ईमानदारी से खुद से सवाल करके निष्पक्षतापूर्ण निर्णय लेकर ही आगे बढ़े ।
राज्य नोडल अधिकारी अनिल मलिक बुधवार को तितरम गांव स्थित पीएम श्री स्कूल जवाहर नवोदय विद्यालय में हरियाणा राज्य बाल कल्याण परिषद द्वारा स्थापित राज्य स्तरीय बाल सलाह, परामर्श व कल्याण केन्द्र के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में बोल रहे थे। उन्होंने विद्यार्थियों का आह्वान करते हुए कहा कि भावनाओं में बहकर कभी भी कोई निर्णय न करें, बदलाव या परिवर्तन से कभी ना डरें, दूरगामी परिणाम सोचकर ही जीवन के महत्वपूर्ण निर्णय लें, लक्ष्य स्पष्ट रखें । जीवन में सही निर्णय के लिए आवश्यक है अपनी प्राथमिकताओं को स्पष्ट तौर से जानना, जानकारी एकत्रित करना तथा तर्कसंगत सोच अपनाकर बेहतर निर्णय लेना । उन्होंने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता के युग में भावनाओं के महत्व को कभी भी कम मत आंको, भावनात्मक बुद्धिमत्ता बढ़ाने हेतु स्वयं एवं दूसरों की भावनाओं को समझना, सही से व्यक्त करना तथा नियंत्रण करने की योग्यता विकसित करनी होती है। किशोरावस्था करियर निर्माण की अवधि, तुरंत प्रभावकारी कदम उठाने का समय भी है । जिज्ञासापूर्ण उत्पन्न सवालों को दबाए ना पूछ लें, खुले मन से बातचीत की जाए तो हर समस्या का समाधान है ।
उन्होंने कहा कि खुद का भरोसा कभी ना डगमगाने दें, आपकी वास्तविकता आपसे अधिक किसी को मालूम नहीं है, ना-उम्मीदी से बुरा कुछ भी नहीं है इसलिए उम्मीद का दामन हमेशा थामे रखें । जिम्मेदारी लेने के लिए तैयार रहें तथा कहें कि हां मैं हर वक्त हर जगह मौजूद हूँ, मुझे बताओ कि मुझे करना क्या है, बढिय़ा जीवन के रास्ते तय करने के लिए जरूरी है सकारात्मक सोच व अच्छी भावनाएं। विशेष तौर से पहुंचे परामर्शदाता नीरज कुमार ने कहा कि मनोवैज्ञानिक स्वास्थ्य के साथ-साथ करियर चुनाव के लिए अपनी समझ, रुचि, ज्ञान व क्षमता का सही से अवलोकन करके ही निर्णय लें । कार्यक्रम की संयुक्त अध्यक्षता करते हुए जिला बाल कल्याण अधिकारी बलबीर चौहान व प्रिंसिपल सुचिता गुप्ता ने बताया कि मानसिक स्वास्थ्य की बेहतरी हेतु मनोवैज्ञानिक प्रेरणादायी सेमिनार अति सराहनीय कदम है । कार्यक्रम में विशेष उपस्थिति यातायात पुलिस उपाधीक्षक सुशील प्रकाश, उप-प्राचार्य डालचंद गुप्ता, आजीवन सदस्य एवं परामर्शदाता ज्ञानचंद भल्ला व नीरज कुमार के साथ लाजपतराय सिंगला, मनीष आदि मौजूद रहे।

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