सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री ने सुना परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम
चंडीगढ़। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री श्री कृष्ण कुमार बेदी ने कहा कि असफलता सफलता की पहली सीढ़ी होती है ,लिहाजा विद्यार्थी अपने जीवन में आगे बढऩे के लिए अध्यापन कार्य के दौरान आई विफलताओं को ही अपना अध्यापक बनाएं। उन्होंने कहा कि दृढ़ संकल्प एवं एकाग्रता के साथ निर्धारित लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता हैं।
कृष्ण कुमार बेदी सोमवार को नरवाना के राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम में विद्यार्थियों को संबोधित कर रहे थे। गौरतलब है कि इस विद्यालय के कॉन्फ्रेंस हाल में परीक्षा पर चर्चा कार्यक्रम में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ऑनलाइन जुड़े हुए थे। प्रधानमंत्री द्वारा लाइव टेलीकास्ट से देश के विद्यार्थियों को सफल अध्ययन क्रिया के महत्वपूर्ण टिप्स बताए गए।
कृष्ण कुमार बेदी ने कहा की तरक्की के सपने देखना प्राणी की प्रवृत्ति है जबकि सपने नहीं संजोने वाले व्यक्ति को मृत प्राय: माना जाता है। प्रत्येक व्यक्ति विशेष कर छात्र को लक्ष्य निर्धारित कर कड़ी मेहनत एवं एकाग्रचित होकर दृढ़ संकल्प के साथ सपने साकार करने के लिए निरंतर कोशिश करनी चाहिए। छात्र जीवन की सफलता का राज बुलंद हौसलों एवं तनाव मुक्त परिश्रम में छिपा हुआ है। इसलिए विद्यार्थी को अंकों की सूची में अपना भविष्य आंकने की बजाय हमेशा कुछ जीवन मूल्यों की मैरिट पर ध्यान देना चाहिए। आपस में संवाद करने से विद्यार्थियों की अनेक समस्याओं का हल हो जाता है,इसलिए प्रतिस्पर्धा की भावना तथा आत्मविश्वास के साथ सहपाठियों से संवाद करते रहना चाहिए ।
कैबिनेट मंत्री ने स्कूल प्रबंधन को आश्वस्त किया कि उनके विद्यालय में आवश्यक सहूलियत एवं सुविधाओं के अनुरूप वे हमेशा सहयोगी रहेंगे। इस दौरान विद्यालय में एनएसएस की छात्रा प्रिया ने मंत्री को अपने हाथों से बनाई हुई मां सरस्वती की प्रतिमा भी भेंट की।
