आदित्य सुरजेवाला ने हरियाणा विधानसभा सत्र में फिर उठाई आवाज

आदित्य सुरजेवाला

कैथल खबर, (12 मार्च ) कैथल से कांग्रेस के विधायक आदित्य सुरजेवाला ने हरियाणा विधानसभा सत्र में विदेशों में पलायन कर रहे युवा, HKRN भर्ती कर्मचारी व खिलाड़ियों के अधिकारों को लेकर फिर से आवाज उठाई।

आदित्य सुरजेवाला ने अपने अभिभाषण में रोजगार के लिए विदेशों में गए युवाओं के हकों की आवाज उठाते हुए कहा कि आज हरियाणा प्रदेश बेरोजगारी में नंबर एक पर है। रोजगार की तलाश में युवा अपनी जमीन बेचकर 40-40 लाख रु लगाकर विदेशों की तरफ पलायन कर रहे हैं। विदेश में जाकर भी उन्हें नौकरी नहीं मिल रही, कई युवा मौत का शिकार हो रहे हैं तो कुछ युवाओं को वहां प्रताड़ित किया जा रहा है। जो युवा वहां मौत का शिकार हो जाते हैं तो परिजनों को शव वापिस भारत लाने के लिए फिर से 40 लाख रु खर्च करने पड़ रहे हैं लेकिन भाजपा सरकार की तरफ से कोई मदद नहीं की जा रही है। उन्होंने कहा कि युवाओं को अमेरिका से डिपोर्ट किया जा रहा है, जो वर्क वीजा के आधार पर भी गए हुए हैं उन्हें भी प्रताड़ित किया जा रहा है। अपराधियों की तरह हथकड़ियां, बेड़ियां व चेन डालकर उन्हें भेजा जा रहा है। अमृतसर से अंबाला तक भी उन्हें कैदियों वाली गाड़ी में लाया गया। लेकिन भाजपा सरकार उनकी मदद करने की बजाय उनका उपहास उड़ा रहे हैं। केंद्र सरकार में मंत्री व हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर का बयान कि विदेश में गए सब युवा अपराधी हैं, इनसे कोई सहानुभूति न रखें, यह बयान बहुत ही शर्मनाक है।

HKRN में भर्ती युवाओं की आवाज उठाते हुए आदित्य सुरजेवाला ने कहा कि भाजपा सरकार द्वारा एचकेआरएन के तहत युवाओं को छला जा रहा है, उन्हें नौकरी के नाम पर लॉलीपॉप दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सदन में कॉन्ट्रेक्ट एम्प्लॉयज कानून 2024 के तहत चर्चा तो हुई लेकिन यह नहीं बताया कि यह कानून 5 साल तक लागू ही नहीं होगा। यानि अगर कोई HKRN के तहत 2024 में नौकरी पर लगता है तो उसे फायदा मिलेगा 2029 के बाद यानी आगामी विधानसभा चुनाव के बाद। उन्होंने कहा कि जब से यह कानून लाया गया है उसके बाद कैथल व कुरुक्षेत्र(जो माननीय मुख्यमंत्री नायब सैनी का भी गृह जिला है) से ही 350 HKRN कर्मचारियों को नौकरी से हटा दिया गया है। 5 साल पूरा होने से पहले उन्हें हटा दिया जाता है ताकि वो पॉलिसी के तहत पक्का ही न हो सकें। HKRN के तहत लगे कर्मचारी को कभी पक्की नौकरी नहीं मिलेगी। न उन्हें पेंशन मिलेगी। कर्मचारी की मृत्यु होने पर परिवार के सदस्य को कोई नौकरी नहीं और न ही कोई आर्थिक मदद मिलेगी, तो बताएं कैसे उनका घर चलेगा? क्या ये भाजपा सरकार द्वारा युवाओं के साथ अत्याचार व धोखा नहीं है? मैंने कांग्रेस पार्टी की ओर से विधानसभा में प्रस्ताव पेश किया था कि 10 साल की नौकरी के बाद सभी HKRN कर्मचारियों को पक्का किया जाए लेकिन भाजपा द्वारा मेरे उस प्रस्ताव को खारिज कर दिया। ये सीधे तौर से भाजपा का युवा विरोधी होने का सबूत है।

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