हरियाणा में पहली बार किसानों के लिए हरियाणा सरकार का फैसला
सीजन खत्म होने से पहले ही आग से नुकसान की कर दी भरपाई
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने 151 किसानों के खातों में लगभग 86.96 लाख रुपये की राशि की जारी
आगजनी से पीडि़त किसानों को अगली फसल की बुवाई के लिए मिलेगा निशुल्क खाद और बीज
चंडीगढ़, 5 मई :। देश में पहली बार सीजन में आगजनी की घटनाओं के कारण हुए किसानों के नुकसान की भरपाई के लिए हरियाणा सरकार ने किसानों को शत-प्रतिशत खराबे पर तीस हजार रुपये मुआवजा दिया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने एक किलक से यह राशि किसानों के खाते में भेज दी। सीएम ने हरियाणा सिविल सचिवालय में आयोजित कार्यक्रम में राज्य के 17 जिलों (अंबाला, मेवात, पलवल, फरीदाबाद और पंचकूला को छोडकऱ) के 151 किसानों के खातों में लगभग 324 एकड़ क्षेत्र के लिए लगभग 86.96 लाख रुपये जारी किए। यह राशि समानुपात रूप से राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग तथा कृषि एवं किसान कल्याण विभाग द्वारा दी जा रही है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर यह भी बताया कि जिन किसानों की फसल आगजनी से जली है उनको सरकार द्वारा अगली फसल की बुवाई के लिए खाद और बीज मुफ़्त दिए जाएंगे।
हरियाणा के इतिहास में पहली बार फसलों में हुई आगजनी का मुआवजा कृषि एवं किसान कल्याण विभाग द्वारा भी दिया जा रहा है। ऐसे में किसानों को सामान्य तौर पर मिलने वाले मुआवजे से इस बार डबल मिल रहा है। नायब सिंह सैनी ने कहा कि हमारी सरकार हमेशा किसान के उत्थान और उसके हित में कार्य कर रही है। किसान हमारे अन्नदाता है और उन्हें किसी भी प्रकार की कोई दिक्कत नहीं आने दी जाएगी। उन्होंने कहा कि पिछले दिनों खेतों में बड़ी संख्या में आग की घटनाओं के कारण राज्य में 2025 सीजन की रबी फसल को हुए नुकसान की सूचना मिली। इसे देखते हुए हमारी सरकार ने संबंधित किसानों से नुकसान के दावे प्राप्त करने के लिए ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल खोलने का निर्णय लिया। इसके बाद, राजस्व विभाग के क्षेत्रीय अधिकारियों को दावों का तुरंत सत्यापन करने और अपनी रिपोर्ट पोर्टल पर अपलोड करने के भी निर्देश दिए गए। राज्य सरकार द्वारा रबी सीजन 2023 से प्राकृतिक आपदाओं के कारण फसल के नुकसान से संबंधित मुआवजे के दावों को प्राप्त करने और सत्यापित करने के लिए मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल के माध्यम से ई-फसल क्षतिपूर्ति पोर्टल चलाया जा रहा है। इस पोर्टल पर किसान स्वयं अपनी फसल के नुकसान का दावा प्रस्तुत करते हैं और निर्धारित मानदंडों के अनुसार उचित प्रक्रिया के बाद ऑनलाइन मोड के माध्यम से मुआवजे का भुगतान किया जा रहा है। इस ऑनलाइन प्रक्रिया ने मुआवजे के दावे की पूरी प्रक्रिया को सरल बनाने के साथ-साथ पारदर्शी बनाया है।
