पट्टी चौधरी व शेरगढ़ में पनप रही अवैध कालोनी पर चला डीटीपी का पीला पंजा

जिला नगर योजनाकार प्रवीण कुमार ने बताया कि कार्यालय द्वारा जिला प्रशासन के सहयोग से कैथल राजस्व संपदा पट्टी चौधरी में लगभग 4 एकड़ में पनप रही 2 अवैध कालोनी तथा राजस्व संपदा शेरगढ़ में लगभग साढ़े 8 एकड़ में पनप रही अवैध कालोनी में बनी मिट्टी की सड़कें, सीमेंट कंक्रीट टाईलें की सड़कों, सीवरेज आदि को शुरूआती चरण में पीले पंजे के साथ तोड़ा गया। इस कार्रवाई के दौरान एचएसएएमबी कार्यकारी अभियंता सतपाल बतौर डयूटी मैजिस्ट्रेट तैनात रहे। जिला नगर योजनाकार प्रवीण कुमार ने बताया कि कार्यालय के संज्ञान में राजस्व संपदा पट्टी चौधरी व शेरगढ़ में अवैध कालोनी विकसित करने का मामला संज्ञान में आया था, जिसके उपरांत कार्यालय द्वारा भूस्वामियों को एचडीआर एक्ट 1975 की धाराओं के तहत नोटिस जारी करके निर्माण विकसित करने के लिए जरूरी अनुमति प्राप्त करने वाले आदेश दिए गए थे। परंतु भू-स्वामियों द्वारा ना तो मौके पर बनाए जा रहे निर्माण को रोका गया और न ही विभाग से किसी प्रकार की अनुमति के लिए आवेदन किया गया था। कार्यालय द्वारा इस अवैध कालोनी को तोड़ने संबंधित कार्यक्रम का अनुमोदन जिला उपायुक्त कैथल से प्राप्त कर लिया था। कार्यालय द्वारा बिना विभागीय अनुमति के यह कालोनी विकसित करने के आरोप भू-मालिकों, डीलरों के विरूद्ध  पुलिस विभाग कैथल को मुकदमा दर्ज करने हेतू शिकायत भेज दी गई है, जिस पर इन्फोरसमेंट, पुलिस स्टेशन कैथल द्वारा मुकदमा दर्ज करके मामले की जांच शुरू कर दी है। इस अवसर पर जिला नगर योजनाकर द्वारा आम लोगों को आगाह किया कि वह सस्ते प्लाटों के चक्कर में प्रॉपर्टी डीलरों के बहकावे में आकर अपनी खून पसीने की कमाई अवैध कालोनियों में प्लाट आदि खरीदकर बर्बाद न करें तथा ना ही किसी प्रकार का निर्माण करें। जमीन की खरीद करने से पहले कार्यालय से कालोनी की वैधता तथा अवैधा की पूर्ण जानकारी प्राप्त कर लें। जिले के सभी तहसीलदारों, नायब तहसीलदारों से भी अनुरोध किया गया है कि वे रजिस्ट्री करने से पहले सरकार द्वारा जारी हिदायतों का पालन करें ताकि अवैध कलोनाईजेशन को रोका जा सके। यदि कोई व्यक्ति अवैध कालोनी में कोई प्लाट आदि खरीदता है तो उसके विरूद्ध भी कार्यालय द्वारा कानून सम्मत कार्यवाही अमल में लाई जाएगी, जिसमें 50 हजार रुपये तक का जुर्माना व तीन साल की सजा का प्रावधान है। जिला नगर योजनाकार ने सभी प्रॉपर्टी डीलरों व भू मालिकों को चेताया कि विभाग द्वारा भविष्य में भी अवैध निर्माणों के विरूद्ध सख्त कार्रवाई निरंतर अमल में लाई जाएगी और अपील भी की जाती है कि वे सरकार द्वारा चलाई गई ग्रुप हाउसिंग स्कीम, दीन दयाल हाउसिंग स्कीम, अर्फोडेबल ग्रुप हाउसिंग स्कीम, जिसमें 5 एकड़ भूमि पर लाइसेंस प्रदान किया जाता है, में आवेदन करके कालोनी काटने की जरूरी अनुमति प्राप्त करें व शहर वासियों को सस्ता मकान उपलब्ध करवाएं।

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