नौकरी का झांसा देकर लोगों को ठगने वाले 2 आरोपी काबू
एक तरफ जिला पुलिस द्वारा एसपी उपासना के आदेशानुसार आमजन को लगातार साइबर अपराधों से बचाव बारे लगातार जागरूक किया जा रहा है, वही पर साइबर अपराधियों पर भी शिकंजा कसा जा रहा है। ऐसे ही आमजन से बैंक खाते और सिमकार्ड खुलवाकर उन्हें ऑनलाइन ठगी में इस्तेमाल करने वाले गिरोह के दो सदस्यों को थाना साइबर क्राइम पुलिस द्वारा काबू किया गया है। पुलिस प्रवक्ता ने बताया की गांव पाडला हाल भगत सिंह कॉलोनी कैथल निवासी कविता की शिकायत अनुसार उसके पति को शराब के ठेके पर एक अनजान युवक मिला था। युवक ने बातचीत के दौरान उसके पति को बताया कि वह उसकी पत्नी को 15,000 रुपये मासिक वेतन पर नौकरी दिलवा सकता है। इसी बहाने उसका पति उसको लेकर पेहवा चौक पहुंचा जहां वे उस युवक से मिले। युवक ने कविता को विश्वास में लेते हुए कहा कि नौकरी के लिए कुछ औपचारिकताएं जरूरी हैं, जिसमें बैंक खाते खुलवाना और सिम कार्ड लेना शामिल है। कविता ने उसकी बातों में आकर अपना आधार कार्ड, पैन कार्ड और फोटोग्राफ उसे दे दिए। उक्त युवक ने कविता को लेकर कई बैंकों में खाते खुलवाए और सभी खातों की किट अपने पास रख ली। मोबाइल नंबर रजिस्टर करने के बहाने उन्होंने उसका मोबाइल फोन भी अपने कब्जे में ले लिया जिसमें उसका एचडीएफसी बैंक खाता लिंक था। कुछ दिनों बाद कविता को पता चला कि उसके खाते से 40,000 रुपये निकाल लिए गए हैं। शिकायत अनुसार उसने नौकरी की बात अपने अन्य परिचितों को भी बताई और आरोपियों ने ज्योति, शिवानी और अर्जुन नामक व्यक्तियों से भी खाते और सिम कार्ड ले लिए थे। जिस बारे थाना साइबर क्राइम कैथल मामला दर्ज किया गया। प्रवक्ता ने बताया कि मामले की आगामी जांच थाना साइबर क्राइम कैथल एसएचओ पी एस आई शुभ्रांशु की अगुवाई में एसआई सुरेंद्र सिंह की टीम द्वारा करते हुए तकनीकी विश्लेषण के आधार पर आरोपियों की पहचान की गई तथा वारदात को अंजाम देने वाले आरोपी अमरजीत निवासी गांव घसो खुर्द जिला जींद तथा दीपक निवासी गांव चैनत जिला हिसार को काबू कर लिया गया। प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है की आरोपी बेरोजगार लोगों को नौकरी का लालच देकर उनके बैंक खाते खुलवाते थे तथा उक्त खाते साइबर ठगी में इस्तेमाल करते थे। दोनों आरोपियों का व्यापक पूछताछ के लिए अदालत से 4 दिन पुलिस रिमांड हासिल किया गया है, जिनसे पूछताछ की जा रही है।
