एडीसी डॉ. सुशील कुमार ने ली जिला स्तरीय एडवाइजरी कमेटी की बैठक, दिए आवश्यक दिशा निर्देश
एडीसी डॉ. सुशील कुमार ने कहा कि आमजन के स्वास्थ्य के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। खाद्य पदार्थों के उत्पादन, भंडारण, वितरण और बिक्री से जुड़े सभी व्यापारियों के लिए भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण के तहत ऑनलाइन पंजीकरण करवाना तथा लाइसेंस लेना अनिवार्य है। उन्होंने चेतावनी दी कि नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
एडीसी लघु सचिवालय में आयोजित जिला स्तरीय एडवाइजरी कमेटी की बैठक में अधिकारियों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि खाद्य सुरक्षा से जुड़े मामलों में सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ काम करें, ताकि लोगों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपलब्ध हो सकें। उन्होंने खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिले में खाद्य पदार्थों की सैंपलिंग और निरीक्षण की प्रक्रिया तेजी लाई जाए तथा स्कूलों के मिड-डे मील, आंगनबाड़ी केंद्रों और सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के राशन डिपो की नियमित जांच सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने आगे बताया कि छोटे दुकानदारों के लिए वार्षिक टर्नओवर 12 लाख रुपये तक होने पर पंजीकरण आवश्यक होगा, जबकि 12 लाख से 20 करोड़ तक के कारोबार के लिए राज्य लाइसेंस और 20 करोड़ से अधिक के कारोबार के लिए केंद्रीय लाइसेंस लेना अनिवार्य रहेगा। इसी प्रकार सरकारी योजनाओं के अंतर्गत स्कूलों के मिड-डे मील, आंगनबाड़ी केंद्रों, तथा पीडीएस के लिए भी पंजीकरण करवाना भी अनिवार्य है। उन्होंने बताया गया कि खाद्य लाइसेंस की पूरी प्रक्रिया Foscos पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन की जाएगी।
एडीसी ने सभी राशन डिपो पर काम करने वाले फूड हैंडलर्स का नियमित मेडिकल चेकअप सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। बैठक में एमएसएमई विभाग के आंकड़ों के अनुसार जिले में खाद्य प्रसंस्करण और संबंधित उद्योगों की बड़ी संख्या है। जिसमें राइस मिल, ऑयल मिल, बेकरी इकाइयाँ और रेहड़ी-पटरी से जुड़े खाद्य विक्रेता कार्यरत हैं। इसके अलावा एमएसएमई इकाइयां विभिन्न क्षेत्रों में संचालित हो रही हैं।
इस अवसर पर खाद्य सुरक्षा अधिकारी डा. पवन चहल, सिविल सर्जन डा. रेणु चावला, जिला शिक्षा अधिकारी सुभाष, जिला कार्यक्रम अधिकारी गुरजीत कौर, डीडीए डा. रविंद्र कुमार सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
कीटनाशकों के बढ़ते प्रभाव पर चिंता
एडीसी सुशील कुमार ने कृषि और बागवानी विभाग को निर्देश दिए गए कि किसानों को कीटनाशकों के सीमित और सुरक्षित उपयोग के बारे में जागरूक किया जाए ताकि उत्पादन स्तर पर ही खाद्य पदार्थ सुरक्षित बनाए जा सकें। छापेमारी के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस विभाग की ओर से एक नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाए।
