डीसी अपराजिता ने ली राजस्व अधिकारियों की बैठक
डीसी अपराजिता ने मंगलवार को जिला के राजस्व अधिकारियों की समीक्षा बैठक लेकर निशानदेही, जमाबंदी, इंतकाल, टोकन पेंडेंसी, रिकवरी तथा न्यायालयों में लंबित मामलों की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी राजस्व मामलों का समयबद्ध निपटान सुनिश्चित किया जाए तथा लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाए। राजस्व कार्यो में लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। निशानदेही कार्य की प्रगति की समीक्षा करते हुए डीसी ने सभी एसडीएम को अपने-अपने उपमंडलों में इस कार्य की नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए। साथ ही प्रत्येक तहसीलदार एवं नायब तहसीलदार को इस सप्ताह के अंत तक अनिवार्य रूप से 5-5 निशानदेही मामलों का निपटान करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शुक्रवार को सभी तहसीलों से प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। बैठक में यह भी सामने आया कि कई मामलों में आवेदन प्राप्त होने के बावजूद आवेदकों द्वारा निर्धारित शुल्क जमा नहीं कराया गया है। इस पर डीसी ने निर्देश दिए कि संबंधित आवेदकों से संपर्क करके उन्हें कार्यालय बुलाया जाए तथा शुल्क जमा करवाकर सीमांकन कार्य पूर्ण कराया जाए। इसी प्रकार उन्होंने रिकवरी को लेकर भी आवश्यक निर्देश देते हुए कहा कि जिन क्षेत्रों में वसूली की प्रगति शून्य है, वहां विशेष अभियान चलाकर रिकवरी बढ़ाई जाए। साथ ही कोर्ट केसों के निपटान में प्रगति लाएं तथा टोकन पेंडेंसी को समाप्त करें। डीसी उपायुक्त ने कहा कि राजस्व विभाग से जुड़े कार्य आमजन के हितों से सीधे जुड़े हैं। इसलिए सभी अधिकारी जवाबदेही के साथ कार्य करते हुए निर्धारित लक्ष्यों को समय पर पूरा करें और नागरिकों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध करवाना सुनिश्चित करें। इस अवसर पर सहायक आयुक्त (अंडर ट्रेनी) एडीसी सुशील कुमार, कैथल एसडीएम संजय कुमार, कलायत एसडीएम अजय हुड्डा, सीटीएम कैप्टन प्रमेश कुमार, डीआरओ चंद्रमोहन सहित तहसीलदार व नायब तहसीलदार मौजूद रहे।
