रिश्तेदार बनकर 5 लाख रुपए हड़पे 2 आरोपी काबू
एक तरफ जहां जिला पुलिस द्वारा आमजन को साइबर अपराधों से बचाव बारे लगातार जागरूक किया जा रहा है। वहीं पर साइबर अपराधियों पर शिकंजा भी कसा जा रहा है। एसे ही रिश्तेदार बनकर 5 लाख रुपए साइबर धोखाधड़ी के एक मामले की जांच थाना साइबर क्राइम प्रभारी पीएसआई शुभ्रांशु की अगुवाई में एएसआई विनोद कुमार की टीम द्वारा करते हुए आरोपी शास्त्री पार्क सलीमपुर दिल्ली निवासी उमेश प्रसाद तथा रियाजुद्दीन उर्फ राजु को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि गांव पोबाला निवासी परविंद्र सिंह की शिकायत अनुसार वह खेती करता है। 3 नवंबर 2024 को मोबाइल नंबर एक व्हाट्सएप नंबर से काल आई। फोन करने वाले ने कहा कि फुफड़ (फूफाजी) मैं राणा बोल रहा हूं। मेरे दोस्त की माताजी बीमार है और उनको रुपयों की जरूरत है। आप इनकी मदद कर दो और इनको रुपये दे दो। पीड़ित के मुताबिक, आरोपी ने बातचीत कर उसे झांसा दे दिया और रुपये मांगने के दौरान उसे ठगी का अहसास नहीं हुआ। इसके बाद पांच नवंबर 2024 को ढाई लाख रुपये बैंक ऑफ महाराष्ट्र के एक खाते में डलवा दिए। इसके बाद दोबारा से फोन आया और कहा कि आप तीन लाख रुपये और डाल दो हम आपके सारे रुपये वापस दे देंगे। फिर उसने पांच नवंबर 2024 को ही अपने यूनियन बैंक आफ इंडिया के खाते से दो लाख रुपये एक अन्य खाते में डलवा दिए। इसके बाद फिर बार- बार वे लोग व्हाट्सएप पर फोन करके कई दिन तक और रुपये मांगते रहे, लेकिन उसने रुपये देने से मना कर दिया। इसके बाद फिर से 18 नवंबर 2024 को उनके बार-बार जोर देने पर एचडीएफसी बैंक खाते से 50 हजार रुपये केनरा बैंक के खाता में डलवाए। उसने साले के लड़के राणा को उसके नंबर पर फोन करके रुपयों के बारे पूछा तो उसने कहा कि फुफड़ (फूफाजी) मैंने कोई रुपये देने के लिए नहीं कहा और आप रुपये ना भेजो। उसके बाद उन्हें पता लगा कि उनके साथ रुपयों की धोखाधड़ी की है। जिस बारे थाना साइबर क्राइम में मामला दर्ज किया गया। आरोपी रियाजुद्दीन ने उक्त ठगी में अपना बैंक खाता उपलब्ध करवाया था, तथा आरोपी उमेश प्रसाद ने उक्त खाता साइबर ठगो को दिया था। दोनो आरोपियों का मंगलवार को अदालत से पुलिस रिमांड हासिल किया जाएगा।
