डीसी ने की महिला सरपंचों के साथ बैठक, दिए आवश्यक दिशा-निर्देश
डीसी अपराजिता ने कहा कि सरपंच जनता के चुने हुए प्रतिनिधि होते हैं और उनकी जिम्मेदारी है कि वे अपने गांव का विकास करवाएं और सरकारी योजनाओं का लाभ हर पात्र व्यक्ति तक पहुंचाना सुनिश्चित करें। सरकार द्वारा उन्हें विभिन्न प्रकार की शक्तियां प्रदान की गई हैं। सभी महिला सरपंच अपनी शक्ति पहचाने और आत्मविश्वास के साथ अपने गांव का विकास करें। अपने-अपने खंड विकास एवं पंचायत अधिकारियों के साथ नियमित संपर्क में रहें और अपने गांव के विकास के लिए नए नए आइडिया लेकर आएं। डीसी अपराजिता सोमवार को लघु सचिवालय के सभागार में जिले की महिला सरपंच के साथ बैठक के दौरान उन्हें संबोधित कर रहीं थीं। बैठक में उन्होंने कई ग्राम पंचायतों के रिकॉर्ड भी चेक किए।महिला सरंपचों से उनके गांव की जनसंख्या, स्कूलों, आंगनवाड़ी केंद्र, सफाई कर्मचारियों की संख्या सहित अन्य विकास कार्यो के बारे में बातचीत की। उन्होंने निर्देश दिए कि सरकारी फंड का सदुपयोग करे और समय समय पर ग्राम सभा कराए। सरकारी स्कूलों, आंगनबाडि़यों, लाइब्रेरी और कम्युनिटी सेंटर का नियमित निरीक्षण करें। यदि किसी संस्थान में सफाई कर्मचारी की कमी है, तो पंचायत प्रस्ताव पारित कर अपने स्तर पर व्यवस्था सुनिश्चित करे। बैठक में मॉडल विलेज की अवधारणा पर जोर देते हुए डीसी ने सुझाव दिया कि पूरे गांव को एक साथ बदलने के बजाय छोटे-छोटे लक्ष्य निर्धारित किए जाएं। जैसे किसी एक आंगनबाड़ी को मॉडल आंगनबाड़ी के रूप में विकसित करें या स्कूल के किसी एक कमरे को विशेष प्रयोगशाला के रूप में तैयार करें। डीसी अपराजिता ने बताया कि यह बैठक एक श्रृंखला की शुरुआत है और आगामी दिनों में इस प्रकार की ओर बैठकें आयोजित की जाएंगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि अगली बार जब हम मिलें, तो आप आत्मविश्वास के साथ बताएं कि आपने अपने गांव में क्या बदलाव किए हैं। छोटे-छोटे प्रयास ही बड़े बदलाव का आधार बनते हैं। बैठक में बताया कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में विभिन्न विभागों के माध्यम से अनेकों कल्याणकारी योजनाएं क्रियान्वित की जा रही हैं। बैठक में मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना, मुख्यमंत्री सामाजिक समरसता अंतरजातीय विवाह शगुन योजना, डॉ. अंबेडकर मेधावी छात्रवृत्ति योजना, लाडो लक्ष्मी योजना, सामाजिक पेंशन योजना, पीएम किसान सम्मान निधि, फसल विविधीकरण प्रोत्साहन योजना, पशुपालन विभाग की देशी गाय व मुर्रा भैंस की डेयरी करने पर मिलने वाले अनुदान की जानकारी तथा कृषि विभाग से जुड़ी योजनाओं की जानकारी दी गई। डीसी ने सरपंचों से अपील की कि वे गांवों में मुनादी करवाकर, ताकि पात्र व्यक्ति इन योजनाओं का लाभ उठा सकें। बैठक में महिला सरपंचों द्वारा अपने-अपने गांव की विभिन्न प्रकार की समस्याएं भी साझा की। जिस पर डीसी अपराजिता ने संबंधित खंड विकास एवं पंचायत अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे इन समस्याओं का जल्द से जल्द समाधान करवाना सुनिश्चित करें। इस अवसर पर डीडीपीओ रितु लाठर, पशुपालन विभाग कैथल के उप निदेशक डा. सूर्या खटकड़, जिला कल्याण अधिकारी सीमा, जिला समाज कल्याण अधिकारी अमितेंद्र श्योकंद, बीडीपीओ जगजीत, रितु शर्मा, अनुज सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
