गेहूं खरीद में किसान की जरूरत के समय मौके पर मौजूद रहें अधिकारी व कर्मचारी-: डीसी
डीसी अपराजिता ने कहा कि खरीद सीजन से संबंधित सभी अधिकारी व कर्मचारी मंडियों में अपने ड्यूटी प्वाइंट पर नियमित रूप से उपस्थित रहें और किसी प्रकार की समस्या होने पर किसानों को अधिकारी या कर्मचारी ढूंढने न पड़े। किसी किसान को गेहूं मंडी में लाए जाने के बाद यदि गेटपास, बायोमेट्रिक, बारदाना सहित किसी भी तरह की समस्या आती है तो उनकी समस्या को ध्यान से सुनते हुए उसका तत्काल समाधान करें। साथ ही खरीद एजेंसियों के अधिकारी बायोमेट्रिक, गेट पास, खरीद, फसल उठान और भुगतान को लेकर हर रोज सायं के समय डीसी कार्यालय को अपनी रिपोर्ट देंगे। रबी खरीद सीजन को पूरी तरह से सुचारु एवं पारदर्शी बनाएं। खरीद सीजन के दौरान सभी अधिकारी पूरी जिम्मेदारी और तत्परता के साथ कार्य करें। किसी भी स्तर पर लापरवाही पाई जाती है तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। डीसी अपराजिता मंगलवार को लघु सचिवालय स्थित वीडियो कांफ्रेंसिंग रूम में रबी सीजन को लेकर संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दे रहीं थीं। इससे पूर्व मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने भी प्रदेश के सभी उपायुक्तों को खरीद सीजन को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए और सीजन को लेकर फीडबैक लिया। डीसी अपराजिता ने निर्देश दिए कि किसानों को मंडियों में किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए और सभी व्यवस्थाएं समयबद्ध तरीके से सुनिश्चित की जाएं। गेट पास के दौरान जाम जैसी स्थिति बिल्कुल नहीं बननी चाहिए और खरीद कार्य पूरी तरह नियमानुसार किया जाए। किसी भी प्रकार की ढिलाई या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने फसल के सत्यापन (वेरिफिकेशन) पर विशेष जोर देते हुए कहा कि मंडियों के गेट पर फसल लेकर आए किसी भी किसान को वापस न भेजा जाए और उसकी एंट्री वेरिफिकेशन तुरंत सुनिश्चित किया जाए। इसी प्रकार कृषि विभाग और राजस्व विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि डेटा मिलान के कार्य को जल्द पूरा करें। डीसी अपराजिता ने बताया कि खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के आंकड़ों के अनुसार जिले में अब तक गेहूं की 4,659 मीट्रिक टन आवक हुई है, जिसमें से 4,500 मीट्रिक टन की खरीद की जा चुकी है। वहीं सरसों की 3,877 क्विंटल आवक दर्ज की गई, जिसकी पूरी खरीद कर ली गई है। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे फसल को अच्छी तरह सुखाकर ही मंडी में लेकर आएं, ताकि खरीद प्रक्रिया में कोई बाधा न आए। इस अवसर पर डीडीए डा. रविंद्र कुमार, डीआईपीआरओ नसीब सैनी, डीएमईओ अभिनव वालिया, एआईपीआरओ अमित कौशिक, खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।
