अतिक्रमण पर कैथल डीसी हुई सख्त, अधिकारियों को दिए निर्देश
-नगर परिषद, सभी नगर पालिकाएं जल्द चलाएं अतिक्रमण हटाओ अभियान
-मीटिंग से गैरहाजिर रहने पर सीईओ जिला परिषद, डीडीपीओ तथा डीएफओ को कारण बताओ नोटिस किया जारी
कैथल खबर (27 मार्च) : डीसी प्रीति ने कहा कि सडक़ सुरक्षा के मद्देनजर शहरों में अतिक्रमण एक गंभीर समस्या है, जिससे निपटने के लिए तत्काल और प्रभावी कार्रवाई की आवश्यकता है। इससे यातायात तो बाधित होता ही है, बल्कि यह हादसे का भी कारण बनता है। नगर परिषद, सभी नगर पालिकाओं में अधिकारी इस मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाएं। इस अभियान में संबंधित थाना पुलिस का सहयोग लें। सभी एसडीएम भी इस अभियान को मॉनिटर करें। वीरवार से ही अतिक्रमण के लिए नोटिस जारी करने शुरू किए जाएं। निर्धारित अवधि के बाद पक्के अतिक्रमण भी हटाया जाएं।
डीसी प्रीति वीरवार को लघु सचिवालय के सभागार में सडक़ सुरक्षा समिति के बैठक के दौरान अधिकारियों को निर्देश दे रहीं थीं। डीसी प्रीति ने कहा अपने-अपने विभाग की सडक़ों को दुरूस्त करने सहित अन्य सुरक्षा के इंतजाम सुनिश्चित करें। सरकारी व गैर सरकारी स्कूलों के बाहर सडक़ सुरक्षा से संबंधित सभी मानक पूरे होने चाहिए। सुरक्षित स्कूल वाहन पॉलिसी के तहत जिन बसों को चेक किया गया था, उन सभी बसों में पुलिस, आरटीए तथा शिक्षा विभाग मानकों को पूरा करवाएं। जो बस इनका पालन नहीं करता उन्हें इंपाउंड किया जाए। उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारी व जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिए कि वे ऐसी बसों की सूची उपलब्ध करवाएं जो बसें सडक़ पर तो चल रही हैं लेकिन चेकिंग के लिए कमेटी के सामने नहीं लाई गईं।
डीसी प्रीति ने जिले के सभी अधिकारियों का आह्वान किया कि वे समय निकाल कर कम से कम एक स्कूल का दौरा करें और विद्यार्थियों को यातायात नियमों के पालन तथा नशे जैसी बुराई के प्रति जागरूक करें। सभी संबंधित विभाग अपनी सडक़ों पर स्पीड लिमिट तथा अन्य साइन बोर्ड लगाएं। बिजली विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि सडक़ की साइड में लगी तारों को कवर करें। वन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि सेक्टर 18 की सडक़ से जो पेड़ तो हटाए गए हैं, उनकी जड़ें भी जल्द हटवाएं।
आरटीए गिरीश कुमार ने डीसी प्रीति को अवगत करवाया कि फरवरी माह में पुलिस की ओर से 2974 चालान किए हैं और 23 लाख 53 हजार 700 रुपये वसूल किए गए। इसके साथ ही आरटीए की टीमों द्वारा 115 चालान किए गए, जिसमें 38 लाख सात हजार 600 रुपये का जुर्माना वसूल किया गया। मीटिंग से अनुपस्थित रहने पर सीईओ जिला परिषद, डीडीपीओ तथा डीएफओ को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। इस मौके पर एडीसी दीपक बाबू लाल करवा, आरटीए गिरीश कुमार, गुहला के एसडीएम कैप्टन प्रमेश सिंह, कलायत के एसडीएम अजय हुड्डा, डीएसपी गुरविंदर सिंह, डीआईओ दीपक खुराना विभिन्न विभागों के कार्यकारी अभियंता, ट्रैफिक एसएचओ रमेश कुमार व अन्य अधिकारीगण तथा कमेटी के गैर सरकारी सदस्य सतीश सेठ मौजूद रहे।
