कैथल की ऐतिहासिक बावड़ी का चार करोड़ 46 लाख रुपये की लागत से होगा जीर्णोद्धार
शहर में स्थित ऐतिहासिक ब्रिक बावड़ी का जीर्णोद्धार किया जाएगा। इस पर करीब 4 करोड़ 46 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। वीरवार को विरासत एवं पर्यटन मंत्री डा. अरविंद शर्मा नारनौल से वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से जुड़े और सीटीएम गुरविंद्र सिंह ने लघु सचिवालय स्थित वीडियो कांफ्रेंस रूम से इस कार्य का शिलान्यास किया।

विरासत एवं पर्यटन मंत्री डा. अरविंद शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के कुशल नेतृत्व में प्रदेश में अनेकों विकास कार्य करवाए जा रहे हैं। वहीं सेवा पखवाड़े के तहत अपनी विरासत को संजोए रखने का काम भी किया जा रहा है। इसी कड़ी में प्रदेश में स्थित करीब 20 ऐतिहासिक स्थलों एवं बावड़ियों का जीर्णोद्धार के कार्य का आज शिलान्यास किया गया है। इसमें कैथल की ब्रिक बावड़ी भी शामिल है। यह बावड़ी न केवल जल संरक्षण का एक महत्वपूर्ण साधन है, बल्कि यह हमारे शहर की विरासत का भी एक अभिन्न अंग है।

उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है और यह जीर्णोद्धार उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि विरासत को बचाने के लिए ठोस कदम उठाए गए हैं। इस परियोजना के पूरा होने से शहर को एक नया गौरव मिलेगा और हमारी आने वाली पीढ़ियां भी अपनी समृद्ध विरासत से परिचित हो सकेंगी।

सीटीएम गुरविंद्र सिंह ने बताया कि शहर के पुराने नागरिक अस्पताल के नजदीक स्थित ऐतिहासिक बावड़ी सदियों पुरानी है और इसका ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व है। जीर्णोद्धार होने के बाद यह बावड़ी अब अपने गौरव को फिर से प्राप्त करेगी। इस परियोजना के तहत बावड़ी की मरम्मत, मूलभूत सुविधाएं जैसे शौचालय, बेंच, साइनेज, शेड व लाइटिंग की व्यवस्था की जाएगी। पारंपरिक तरीकों का उपयोग करके संरचनात्मक मूल्यांकन और कमजोर भागों को सुदृढ़ किया जाएगा। इस अवसर पर हरियाणा स्टेट रोड एंड डिवेलपमेंट कारपोरेशन के कार्यकारी अभियंता अनिल नरवाल सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
