मध्यम वर्ग को राहत से झूमे लोग, सरकार की घोषणा का स्वागत
कैथल खबर (01 फरवरी ) केंद्रीय बजट में मध्यम वर्ग को दी गई राहत से आम आदमी में खुशी की लहर है। बजट में इनकम टैक्स को लेकर बड़ी राहत दी गई है। न्यू टैक्स रिजीम के तहत अब 12 लाख रुपये तक की कमाई पर कोई टैक्स नहीं देना होगा। नौकरीपेशा लोगों के लिए 75 हजार के स्टैंडर्ड डिडक्शन के साथ यह छूट 12.75 लाख रुपये हो जाएगी। न्यू टैक्स रिजीम के स्लैब में भी बदलाव किया गया है। पुरानी टैक्स रिजीम में कोई बदलाव नहीं किया गया है। हालांकि नई टैक्स रिजीम में 12 लाख रुपये तक की छूट इनकम टैक्स एक्ट की धारा 87 के तहत दी गई है। यानी नई टैक्स रिजीम के तहत 12 लाख तक की सालाना कमाई वालों पर 4-8 लाख रुपए की कमाई पर लगने वाले 5 प्रतिशत टैक्स और 8-12 लाख की कमाई पर लगने वाला 10 प्रतिशत टैक्स सरकार माफ कर देगी।
वहीं सैलरीड लोगों को 75 हजार रुपए का अतिरिक्त स्टैंडर्ड डिडक्शन मिलेगा। यानी अगर किसी की सैलरी से सालाना इनकम 12.75 लाख रुपए है तो उसे कोई टैक्स नहीं देना होगा।
अब पुरानी टैक्स रिजीम को समझें
पुरानी टैक्स रिजीम चुनने पर अभी भी आपकी 2.5 लाख रुपए तक की इनकम ही टैक्स फ्री रहेगी। हालांकि इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 87 के तहत आपको 5 लाख तक की इनकम पर जीरो टैक्स देना होगा।
पुरानी और नई टैक्स रिजीम से जुड़े 3 सवाल…
सवाल 1: पुरानी और नई टैक्स रिजीम में क्या अंतर है?
जवाब: नए टैक्स स्लैब में टैक्स फ्री इनकम का दायरा 2.5 लाख रुपए से बढ़ाकर 3 लाख रुपए कर दिया गया, लेकिन इसमें टैक्स डिडक्शन यानी छीन लिए गए। वहीं, अगर आप पुराना टैक्स स्लैब चुनते हैं तो आप कई तरह के टैक्स डिडक्शन का फायदा ले सकते हैं।
सवाल 2 पुरानी टैक्स रिजीम में किस तरह छूट मिलती है?
जवाब: अगर आप श्वक्कस्न, क्कक्कस्न और इक्विटी लिंक्ड सेविंग्स स्कीम में निवेश करते हैं। तो आपकी कुल टैक्सेबल इनकम में से ये इनकम कम हो जाएगी। वहीं, मेडिकल पॉलिसी पर किए गए खर्च, होम लोन पर चुकाए गए ब्याज और नेशनल पेंशन सिस्टम में निवेश किए गए रुपयों भी आपकी टैक्सेबल इनकम में घट जाते हैं।
जानकारी के अनुसार पुराने टैक्स ऑप्शन में 87 का डिडक्शन मिलाकर सालाना 5 लाख रुपये तक की कमाई पर इनकम टैक्स नहीं देना होता। अगर आपकी सालाना इनकम पांच लाख से 10 लाख के बीच है तो आपको 20 प्रतिशत तक टैक्स लगेगा। यानी आपको 1,12,500 रुपये टैक्स चुकाना होगा। लेकिन इनकम टैक्स कानून में ऐसे कई प्रावधान यानी टैक्स छूट हैं, जिनसे आप 10 लाख तक की निवेश करके 1.5 लाख रुपये पर टैक्स बचा सकते हैं। अगर आपने होम लोन ले रखा है तो आप उस पर चुकाए गए ब्याज पर टैक्स छूट ले सकते हैं। इनकम टैक्स के सेक्शन 24 के तहत एक वित्त वर्ष में 2 लाख के ब्याज पर टैक्स में छूट ले सकते हैं। इसे भी अपनी टैक्सेबल इनकम में से घटा दें। यानी, अब टैक्स के दायरे में आने वाली इनकम 6.50 लाख रुपए रह जाएगी।
