विदेश भेजने के नाम पर लाखों की ठगी, आरोपी गिरफ्तार

विदेश भेजने के नाम पर लाखों की ठगी, आरोपी गिरफ्तार

कैथल खबर, (08 मार्च ) अमेरिका भेजने के सब्जबाग दिखाकर लाखों रुपए ठगी करने के मामले में इकनॉमिक सैल की टीम द्वारा आरोपी असंध जिला करनाल निवासी हर्ष प्रताप तथा वेस्ट दिल्ली निवासी अजीत सिंह उर्फ बोबी को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि कुराड़ निवासी राकेश की शिकायत अनुसार वह एक साल पहले वह किसी शादी समारोह में असंध गया था। वहां उसकी पहचान असंध निवासी हर्ष प्रताप से हो गई। इसके बाद उनकी फोन से भी बातचीत होती रहती थी। हर्ष ने बताया कि वह विदेश भेजने का कार्य करता है। उसने मुझे सलाह दी कि अमेरिका जाने के लिए वैध तरीके से ऑफर आया हुआ है। उसके बाद उसने बताया कि वह यहां से उसको गुयाना देश का वीजा दिलाएगा और गुयाना से मेक्सिको का वीजा लगावाएगा। आगे मेक्सिको से अमेरिका के मेन गेट से अंदर प्रवेश करवाएगा। उसने कहा कि इसके लिए 40 लाख रुपये खर्च आएगा। कुछ दिन बाद उसने परिवार से सलाह करके हर्ष प्रताप को घर बुलाया। तब 40 लाख में वैध तरीके से अमेरिका भेजने की बात हुई। उसने पासपोर्ट और दो लाख रुपये अगस्त 2024 में हर्ष प्रताप को दिए। चार सितंबर 2024 को उसका गुयाना देश का वीजा आया। फिर आरोपी ने उससे दो लाख रुपये अजीत सिंह उर्फ बोबी के खाते में डलवा लिए। अजीत भी हर्ष प्रताप के साथ मिलकर विदेश भेजने का कार्य करता है। 9 सितंबर को 2 लाख 64 हजार रुपए नकद हर्ष प्रताप ने डालर एक्चेंद के लिए। 10 सितंबर को उसे दिल्ली भेज दिया तथा आगे मुंबई भेज दिया। उसके बाद 4 लाख रुपए और आरोपी ने ले लिए तथा 18 सितंबर को उसे मुंबई से गुयाना देश भेज दिया गया। गुयाना पहुंचते ही एयरपोर्ट से बाहर निकलते ही उसका पासपोर्ट व डॉलर डॉकरों ने छीन लिए गए। वहां पर उसे कभी खाना दिया जाता था, कभी नहीं। उसके बाद आरोपियों ने अलग-अलग बहाने बनाकर उनके परिवार से 37 लाख 39 हजार रुपये ले लिए। आरोपियों ने उसे गुयाना से मेक्सिको भेजने की बात कही थी, लेकिन वह झूठ निकली। उसके बाद उसे गुआना से ब्राजील, वहां से बोलीविया, पेरू, इक्वाडोर, कोलंबिया बसों के द्वारा व पैदल भेजा गया। कोलंबिया में उसे डोंकर द्वारा दो माह तक कैद करके रखा गया। कोलंबिया से पनामा देश पैदल जंगल के रास्ते भेजा गया और जंगल के अन्दर 10 दिन तक कैद करके रखा। वहां खाना व पानी तक नहीं मिला। वहां डोंकर उसे रुपये की मांग कर टॉर्चर करते थे। उसके बाद पनामा से कोस्टारिका, कोस्टारिका से निकाराग्वा, निकारा गोवा से होंडरस, होंडरस से ग्वाटेमाला ले जाया गया। ग्वाटेमाला 10 दिन तक रखा गया। वहां से उसको मेक्सिको ले जाया गया और वहां 5 दिन रखा गया। मेक्सिको देश के शहर थापाचुहला में उससे फोन व बैग आदि छीन लिए गए। थापाचुहला से मेक्सिको सिटी के लिए 12 घंटे समुद्र के रास्ते से कश्ती द्वारा ले जाया गया और तिजवाना बॉर्डर क्रॉस करवाया। क्रॉस करते समय उसका पासपोर्ट वापस दे दिया और एक फरवरी को वहां उसे अमेरिकन पुलिस ने हिरासत में ले लिया। उसको 14 दिन तक जेल में रखा गया। 15 फरवरी को उसे वापस भारत भेज दिया। शिकायतकर्ता ने कहा कि ऐसा करके आरोपियों ने उसके साथ धोखाधड़ी की और उसे टॉर्चर किया है। जिस बारे थाना कलायत में मामला दर्ज किया गया। दोनों आरोपी शनिवार को न्यायालय में पेश किए गए, जहां से दोनों आरोपियों का व्यापक पूछताछ के लिए 2 दिन पुलिस रिमांड हासिल किया गया।

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