जिले की सभी तहसीलों में पेपरलेस रजिस्ट्री की प्रक्रिया शुरू
हरियाणा सरकार की महत्वाकांक्षी योजना के तहत जिले की तहसीलों में अब संपत्ति की रजिस्ट्री का काम पूरी तरह से पेपरलेस (कागज रहित) और ऑनलाइन हो गया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कैथल सहित सभी प्रदेशवासियों को हरियाणा दिवस पर बड़ा तोहफा दिया है। इस डिजिटल पहल से नागरिकों को बड़ी राहत मिलेगी और रजिस्ट्री प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी। जमीन की रजिस्ट्री के लिए अब लोगों को तहसीलों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। वे पूरी प्रक्रिया की जानकारी हासिल कर घर से ही आवेदन कर सकेंगे। इसके बाद निश्चित समय पर तहसील पहुंच कर अपनी जमीन की रजिस्ट्री करवा सकेंगे। डीसी प्रीति ने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने हरियाणा दिवस पर पंचकूला में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम से कैथल सहित राज्य के सभी 22 जिलों में पेपरलेस रजिस्ट्री प्रणाली लागू कर दी है। इस नई प्रणाली का मुख्य उद्देश्य भ्रष्टाचार को खत्म करना, नागरिकों को सरल, सुविधाजनक और पारदर्शी तरीके से सेवाएं प्रदान करना है। अब लोगों को रजिस्ट्री के लिए तहसील के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे और अधिकांश कार्य ऑनलाइन ही पूरे किए जा सकेंगे। यह नई प्रणाली राजस्व विभाग में एक ऐतिहासिक सुधार है और यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि नागरिकों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। जिला राजस्व अधिकारी चंद्रमोहन ने बताया कि जिला में चार तहसील कैथल, कलायत, गुहला व पूंडरी है। वहीं राजौंद, सीवन व ढांड में उप तहसील है। सभी जगह पेपरलेस रजिस्ट्री की प्रक्रिया शुरू हो गई है। आमजन रजिस्ट्री के लिए आवेदन कर सकते हैं। सरकार द्वारा निर्धारित नियमानुसार कागजात की जांच कर तय समय सीमा में रजिस्ट्री की जाएगी। उन्होंने कहा कि अब सभी रजिस्ट्री केवल डिजिटल सिग्नेचर के माध्यम से की जाएंगी। नागरिकों को केवल एक बार अंतिम बायोमेट्रिक सत्यापन और डीड एग्जीक्यूशन के लिए ही पंजीकरण कार्यालय पर पहुंचना होगा। इससे दस्तावेजों के खोने या जालसाजी होने का जोखिम लगभग समाप्त हो जाएगा। सभी रिकॉर्ड डिजिटल रूप में सुरक्षित रहेंगे, जिससे उनके खोने या खराब होने का डर नहीं रहेगा। बता दें कि इस नई प्रणाली को लागू करने से पहले, अधिकारियों और कर्मचारियों को व्यापक प्रशिक्षण दिया गया है। कुरुक्षेत्र जिले की बाबैन उप-तहसील में इस परियोजना का सफल पायलट परीक्षण किया गया था, जिसके बाद उसे चरणबद्ध तरीके से पूरे राज्य में लागू किया गया है। उधर, कलायत एसडीएम अजय हुड्डा ने बताया कि कलायत तहसील में सरकार की योजना अनुसार ऑनलाइन रजिस्ट्री प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इस योजना के तहत सोमवार को एक आवेदन आया है। उसके कागजात की जांच की जा रही है। कागजात की जांच पूरी होने उपरांत आवेदनकर्ता की जमीन की रजिस्ट्री नियमानुसार ऑनलाइन कर दी जाएगी। उन्होंने नागरिकों का आह्वान किया कि वे पूरी प्रक्रिया की जानकारी हासिल कर सभी कागजात अपलोड करवाएं।
