बाढ़ बचाव प्रबंधन को लेकर अभी से तैयारियों शुरू करें अधिकारी :- डीसी
मानसून से पहले की तैयारियों को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। इसी कड़ी में डीसी अपराजिता ने सिंचाई एवं राजस्व विभाग के अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की। बैठक के दौरान उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि बाढ़ बचाव प्रबंधन को लेकर अधिकारी अभी से तैयारियों शुरू कर दें। प्रबंधों में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इससे पहले मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हरियाणा राज्य सूखा राहत एवं बाढ़ नियंत्रण बोर्ड की 57वीं बैठक लेकर सभी उपायुक्तों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। डीसी अपराजिता ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिले के सभी पंप सेटों की तत्काल इन्वेंट्री (सूची) तैयार की जाए। जो पंप खराब स्थिति में हैं, उनकी समय रहते मरम्मत सुनिश्चित की जाए ताकि जलभराव के समय कोई तकनीकी बाधा न आए। जो कार्य अधिक महत्वपूर्ण और संवेदनशील हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर पूरा करें। डीसी ने कहा कि विकास कार्यों की गुणवत्ता के साथ कोई समझौता नहीं होना चाहिए। विशेष रूप से नदियों पर बनाए जाने वाले स्टड या दीवार मजबूत और मानक के अनुरूप होने चाहिए। काम पूरा होने के बाद स्थानीय जनता से भी फीडबैक लिया जाए। संभावित बाढ़ प्रभावित या क्रूशियल इलाकों के लिए उपायुक्त ने एडवांस प्लानिंग के निर्देश दिए। ऐसे क्षेत्रों में पहले से ही पर्याप्त मात्रा में मिट्टी और बजरी के कट्टे भरकर रख लें। मानसून आने से पहले जिले की सभी नहरों और ड्रेन (नालों) की सफाई का काम हर हाल में पूरा हो जाना चाहिए। धरातल पर काम नजर आना चाहिए।

इस मौके पर सीटीएम गुरविंद्र सिंह, डीआरओ चंद्र मोहन, कार्यकारी अभियंता गुरविंद्र सिंह, दिग्विजय शर्मा, निशांत बत्तान, डीआईओ दीपक खुराना, एआईपीआरओ अमित कौशिक के अलावा अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
सरस्वती नदी में प्रदूषण पर कड़ा संज्ञान
बैठक में पोलड गांव के पास सरस्वती नदी में गंदा पानी छोड़े जाने के मामले पर कड़ा संज्ञान लेते हुए डीसी अपराजिता ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों को मौके का निरीक्षण करने और संबंधित व्यक्तियों पर भारी जुर्माना लगाने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री के निर्देश और आगामी समीक्षा
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने 57वीं राज्य स्तरीय बैठक के दौरान स्पष्ट किया कि सभी प्रोजेक्ट्स को समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए। जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी अटल भू जल योजना के अंतर्गत एसटीपी से निकलने वाले पानी को कृषि कार्य में उपयोग लाने के दृष्टिगत प्लान तैयार कर किसानों को लाभ पहुंचाए। डीसी ने मुख्यमंत्री के निर्देशों का हवाला देते हुए कहा कि जो प्रोजेक्ट चल रहे हैं उनमें तेजी लाएं और जिन पर काम शुरू नहीं हुआ है, उन्हें तुरंत शुरू करें। बाढ़ बचाव कार्यों की प्रगति की समीक्षा के लिए मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में मई माह में प्रदेश स्तरीय बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें सभी विभागों के कार्यों का बारीकी से ऑडिट होगा। सभी अधिकारी बाढ़ बचाव प्रबंधन कार्य को गंभीरता से लेते हुए अपने किए गए कार्यों का ब्यौरा तैयार रखें।
