कैथल पुलिस में तबादलों की पर्दे के पीछे की कहानी

कयों कर गए जाते-जाते एसपी तबादला, फिर क्यों किया नव नियुक्त एसपी ने तबादलों को रद्द

कैथल। निवर्तमान एसपी राजेश कालिया के कार्यकाल में कैथल पुलिस में विजिलेंस की हुई कार्रवाईयों से भ्रष्टाचार काफी चर्चा में आ गया था। वहीं अब जब एसपी का तबादला हुआ तो उनके जाते-जाते उन्होंने कैथल पुलिस में अंदरखाते तबादले तो किए, लेकिन वे सिरे नहीं चढ़ पाए। नई एसपी ने उस तबादला सूची को ही रद ्द कर दिया। आखिर यह कया खेल है और क्यों तबादलों को रद्द किया गया। इस खबर को अंत तक पढ़ें।
दरअसल, जिले के तत्कालीन पुलिस अधीक्षक राजेश कालिया जब यहां से जा रहे थे तो उन्होंने लगभग 3 दर्जन पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों का तबादला कर दिया था। हैरानी की बात यह है कि कर्मचारियों की ट्रांसफर लिस्ट जारी होने के बाद भी ज्यादातर कर्मचारियों को इसकी जानकारी नहीं थी और न ही कोई आधिकारिक सूची सार्वजनिक की गई। ऐसा माना जा रहा था कि इस लिस्ट को गुप्त रखने के आदेश दिए गए थे।
बताया जा रहा है कि ट्रांसफर किए गए अधिकारियों में चौकी इंचार्ज से लेकर थाना इंचार्ज तक शामिल थे। जैसे ही तत्कालीन एस.पी. राजेश कालिया को अपने तबादले की खबर मिली, उन्होंने तुरंत यह आदेश जारी कर दिए। राजेश कालिया के कार्यकाल में फैले भ्रष्टाचार की चर्चा पूरे जिले ) में आम थी, जिसके चलते उनके द्वारा जाते-जाते जारी की गई इस तबादला – सूची पर भी सवाल उठ रहे थे। ट्रांसफर किए गए कई कर्मचारियों और अधिकारियों ने तो अपनी नई पोस्टिंग पर ड्यूटी भी शुरू कर दी थी, लेकिन इस पूरे मामले में नया तत्कालीन एस.पी. राजेश कालिया, मौजूदा एसपी आस्था मोदी। मोड़ तब आया जब कैथल जिले की नई पुलिस अधीक्षक आस्था मोदी ने 23 अगस्त को अपना कार्यभार संभाला। उन्होंने कार्यभार संभालने के अगले ही दिन, यानी 24 अप्रैल को तत्कालीन एस. पी. राजेश कालिया द्वारा जारी की गई इस विवादास्पद ट्रांसफर सूची को तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया। इसके साथ ही उन्होंने सभी कर्मचारियों को अपने पहले वाले स्थान पर ही ड्यूटी करने के आदेश जारी कर दिए।
सूत्रों से मिली पुख्ता जानकारी के अनुसार, तत्कालीन एस. पी. राजेश कालिया ने जाते-जाते सब इंस्पेक्टर रामबीर को पूंडरी के एसएचओ पद से हटाकर चीका का एसएचओ नियुक्त कर दिया था। वहीं, इंस्पेक्टर बलबीर, जो चीका के एसएचओ थे, उन्हें पूंडरी का एसएचओ बना दिया गया था। इसके अलावा, मुख्त्यार सिंह को पुलिस लाइन से ट्रैफिक एसएचओ और ट्रैफिक एसएचओ राजकुमार को सी.आई.ए. इंचार्ज के पद पर स्थानांतरित कर दिया गया था। एएसआई रमेश कुमार को सीआईए में लगाया गया था। तत्कालीन एस.पी. राजेश कालिया द्वारा जारी की गई यह ट्रांसफर सूची और उसके बाद मौजूदा एस.पी. आस्था मोदी द्वारा राजेश कालिया के आदेशों को रद्द करने का घटनाक्रम पूरे पुलिस विभाग में चर्चा का विषय बना हुआ है।
इस पूरे मामले पर जब वर्तमान एसपी आस्था मोदी से बात की गई, तो उन्होंने ट्रांसफर लिस्ट को रद्द करने की पुष्टि की। उन्होंने कहा कि यह एक विभागीय कार्यवाही है और वह इस बारे में ज्यादा जानकारी नहीं दे सकती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि उनके पूर्ववर्ती के कार्यकाल में क्या हुआ, इस पर वह ज्यादा नहीं जानतीं। हालांकि, उन्होंने जोर देकर कहा कि उनके कार्यकाल में लोगों को न्याय मिले और अपराध पर अंकुश लगे, इस पर उनका विशेष ध्यान रहेगा।
कैथल पुलिस में तबादलों को लेकर हुआ यह खेला चर्चा का विषय बना हुआ है और देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले दिनों में इस मामले में और क्या मोड़ आता है।

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