मोबाइल टावरों से चोरी करते थे महंगे उपकरण, 70 लाख का सामान बरामद
कैथल खबर (24 मार्च) : कैथल में पुलिस के एंटी व्हीकल थेफ्ट स्टाफ ने एक चोर गिरोह से जुड़े 4 आरोपी गिरफ्तार कर लिए। आरोपियों की गिरफ्तारी से हरियाणा के विभिन्न जिलों में टावरों से उपकरण चोरी करने की 18 वारदात सुलझी हैं। उनके कब्जे से वारदात में प्रयुक्त स्विफ्ट गाड़ी, औजार, 70 हजार रुपए, करीब 35 लाख रुपए कीमत के 11 टावर उपकरण बरामद किए हैं। आरोपियों की पहचान गांव गोहिदा जिला करनाल निवासी विनोदी, पवन, कुलदीप व विनोद उर्फ कुकु के रूप में हुई है। तीन को गांव दुसैन के पास से काबू किया गया व आरोपी विनोद उर्फ कुकु को गोहिदा से पकड़ा गया। वे सभी करीब 5 साल से मोबाइल टावरों पर काम करते थे व पिछले 2 साल से उनको टावरों पर कभी काम मिल जाता है, कभी नहीं मिलता। उनको उनके काम के एवज में समय पर सैलरी भी नहीं मिलती थी। सभी को पता था कि टावरों पर लगी रिमोट रेडियो युनिट काफी महंगी बिकती है। एक उपकरण की कीमत 2.5 लाख रुपए से 5 लाख रुपए तक है। उन सभी ने रात के समय टावरों से उपकरण चोरी करके बेचने की योजना बनाई तथा करीब 1 साल से टावरों से चोरी की वारदातों को अंजाम देने लगे। मामले में डीएसपी सुशील प्रकाश ने एवीटी स्टाफ कार्यालय में प्रेस वार्ता की। उन्होंने बताया कि जिला जींद के गांव दालमवाला निवासी रणबीर सिंह की शिकायत अनुसार वह मोबाइल टावर सिक्योरिटी में सुपरवाइजर के पद पर कार्य करता है। आरएस कंपनी इंडस मोबाइल टावर की सुरक्षा की कार्य देखती है। गांव फरल में लगे टावर से 13 मार्च को अज्ञात व्यक्तियों द्वारा टावर के ऊपर लगे उपकरणों को चोरी कर लिया गया। डीएसपी ने कहा कि आरोपियों द्वारा जिला कैथल की 6, जिला करनाल की 9, जिला कुरुक्षेत्र की 2 तथा जिला यमुनानगर की 1 टावर उपकरण चोरी करने की वारदात कबूली है। आरोपी चोरीशुदा उपकरण को आगे बेचने के लिए अपने अन्य साथी आरोपी इंद्री करनाल निवासी संदीप को दे देते थे। आरोपी संदीप ने भी आरोपियों के साथ टावरों में काम किया हुआ है। डीएसपी ने बताया कि आरोपी दिन के समय टावरों की रैकी करते थे तथा रात के समय चोरी की वारदात को अंजाम देते थे। एक आरोपी टावर के ऊपर चढ़कर चारों तरफ निगरानी करता था। 2 आरोपी टावर पर चढ़कर उपकरण उतारते थे। शेष आरोपी नीचे रहकर निगरानी करते थे। सबसे ऊपर चढ़े आरोपी को जब किसी व्यक्ति या गाड़ी के आने का आभास होता था तो वह फोन करके नीचे सूचना देता था, नीचे वाले आरोपी गाड़ी को दाएं बाएं छुपा लेते थे। आरोपियों से पूछताछ की जा रही है।
