साइबर अपराध से बचने के लिए जागरूकता जरूरी: डीसी

डिजिटल सुरक्षा और एआई के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से मंगलवार को लघु सचिवालय के सभागार में सुरक्षित इंटरनेट दिवस-2026 के उपलक्ष्य में सूचना प्रौद्योगिकी विभाग की ओर से कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिसमें डीसी अपराजिता ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की और स्मार्ट तकनीक, सुरक्षित विकल्प, एआई के सुरक्षित एवं जिम्मेदार उपयोग पर बल दिया। डीसी अपराजिता ने अपने संबोधन में कहा कि आज के दौर में हम तकनीक से दूर नहीं रह सकते, लेकिन स्मार्ट तकनीक के चयन के साथ सुरक्षित विकल्प चुनना हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए। सुरक्षित इंटरनेट के उपयोग के लिए जागरूकता एवं सतर्कता जरूरी है। यदि हम इस दिशा में थोड़ा सा भी ध्यान दें दें तो बड़े साइबर अपराध को रोक सकते हैं। इसके लिए अपने पासवर्ड मजबूत रखें। टू स्टेप वेरिफिकेशन जैसे विकल्पों पर ध्यान दिया जाए। उन्होंने विशेष रूप से एआई के बढ़ते प्रभाव पर चर्चा करते हुए कहा कि एआई का उपयोग एक सहायक उपकरण के रूप करें, लेकिन इसके द्वारा जनित सूचना पर आंख मूंदकर विश्वास न करें और हमेशा तथ्यों की जांच करें। इस तकनीक का उपयोग सावधानी और जिम्मेदारी के साथ करें। अतिरिक्त उपायुक्त डा. सुशील कुमार ने साइबर अपराध से बचने के लिए आवश्यक टिप्स दिए और कहा कि हम सभी को जागरूक होना चाहिए। अनावश्यक रील्स पर समय बर्बाद न करें। असुरक्षित लिंक्स पर क्लिक न करें। साइबर थाना के इंचार्ज सुभ्रांशु ने सुरक्षित इंटरनेट के उपयोग को लेकर महत्वपूर्ण सुरक्षा टिप्स दिए गए। उन्होंने कहा कि अपने सभी डिजिटल अकाउंट्स के लिए (टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन) जैसे उपाय करें। सोशल मीडिया पर व्यक्तिगत जानकारी साझा करने से बचें और प्राइवेसी सेटिंग्स को नियमित रूप से चेक करें। एआई प्लेटफॉर्म पर कभी भी अपनी संवेदनशील या गोपनीय जानकारी इनपुट साझा न करें। संदिग्ध लिंक और फिशिंग ईमेल से सावधान रहें। उन्होंने कहा कि किसी भी तरह की ऑनलाइन धोखाधड़ी या साइबर क्राइम की घटना होने पर तुरंत 1930 हेल्पलाइन पर सूचना दें। क्योंकि साइबर धोखाधड़ी के मामलों में जितना जल्दी सूचना पुलिस व अन्य संबंधित एजेंसियों तक पहुंचती है साइबर अपराध को रोकने की संभावना उतना ज्यादा होती है। जिला सूचना प्रौद्योगिकी अधिकारी दीपक खुराना ने बताया कि यह कार्यक्रम इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के तत्वावधान में सूचना सुरक्षा शिक्षा और जागरूकता परियोजना और राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र के सहयोग से आयोजित किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य साइबर स्वच्छता को बढ़ावा देना और नागरिकों को प्रमुख साइबर खतरों से बचाना है। उन्होंने कहा कि बैंकिंग धोखाधड़ी, यूपीआई फिशिंग, फेक लिंक और अन्य ऑनलाइन ठगी से बचने के लिए आमजन को सतर्क रहने की जरूरत है। किसी भी अनजान कॉल, संदिग्ध लिंक या बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा न करें। एलडीएम सुमन कुमार ने भी बैंकिंग क्षेत्र में बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में बताया। इस अवसर पर एडीसी डा. सुशील कुमार, सीईओ जिला परिषद सुरेश राविश, गुहला एसडीएम कैप्टन प्रमेश सिंह, डीएसपी ललित यादव, डीएसपी कुलदीप बैनीवाल, डीआईपीआरओ नसीब सैनी, डीडीपीओ रितु लाठर सहित अन्य विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।

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