डीसी ने किया राजकीय कन्या स्कूल पूंडरी का दौरा
डीसी अपराजिता ने वीरवार को राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय पूंडरी का दौरा किया और व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने विभिन्न कक्षाओं का निरीक्षण किया और बच्चों से बातचीत की। डीसी ने बच्चों के साथ जॉयफुल एक्टिविटी में भी भाग लेकर उन्हें जिज्ञासु बनने और खुलकर सवाल पूछने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि सवाल पूछना कमजोरी नहीं, बल्कि बुद्धिमानी की निशानी है। इसलिए अपने अंदर क्यों और कैसे को जीवित रखें। डीसी अपराजिता ने कहा कि अक्सर बच्चे डर या झिझक के कारण सवाल नहीं पूछते और कई बार उत्तर गलत होने के डर से किसी सवाल का जवाब देने से भी हिचकिचाते हैं। गणित जैसे विषयों से अक्सर बच्चों को डर लगता है। जॉयफुल एक्टिविटी का मुख्य उद्देश्य बच्चों के अंदर आत्मविश्वास बढ़ाने और खेल-खेल में व्यावहारिक ज्ञान देना है। उन्होंने विज्ञान विषयों की विभिन्न लैब सहित विभिन्न कक्षा कक्षों में जाकर बच्चों द्वारा किए जा रहे प्रयोगो में रुचि दिखाई। उन्होंने विभिन्न प्रकार के केमिकल के नाम और उनके कार्य के बारे में बच्चों से सवाल जवाब भी किए। उन्होंने कहा कि किताबी ज्ञान से कहीं ज्यादा जरूरी प्रैक्टिकल नॉलेज है। जब बच्चे खुद प्रयोग करते हैं, तो विषय की समझ गहरी होती है। इसके बाद उन्होंने मिड डे मील में भोजन की गुणवत्ता और स्कूल में बने रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम को भी देखा। व्यवस्थाओं को देखकर डीसी ने स्कूल प्रबंधन की प्रशंसा की। डीसी ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों व अध्यापकों के साथ बैठक भी की और निर्देश दिए कि कक्षा में कुछेक बच्चों की बजाए, सभी बच्चों को शैक्षणिक गतिविधियों में शामिल करें। जो बच्चे सवाल पूछने से झिझकते हैं, उन्हें बातचीत करके सवाल पूछने बारे प्रेरित करें। ऐसे बच्चों का हौसला बढ़ाएं। इस अवसर पर जिला शिक्षा अधिकारी सुभाष, डीआईपीआरओ नसीब सिंह सैनी, मुख्यमंत्री सुशासन सहयोगी दिव्यता मैहर, जिला गणित विशेषज्ञ छत्रपाल, जिला विज्ञान विशेषज्ञ सुशील कुमार, प्रधानाचार्य सहित अन्य शिक्षक एवं अधिकारी मौजूद रहे।
