अवशेष प्रबंधन के तहत कृषि यंत्रों का पुन: भौतिक सत्यापन 20 से 22 जनवरी तक
कृषि एवं किसान कल्याण विभाग कैथल के उप निदेशक डा. सुरेंद्र सिंह ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए कृषि संबंधी अनेकों योजनाएं संचालित की जा रही हैं। फसल अवशेष प्रबंधन के लिए अनुदान पर कृषि यंत्र उपलब्ध करवाए जाते हैं। इसी कड़ी में जिला में फसल अवशेष प्रबंधन के तहत कृषि यंत्रों का पुन: भौतिक सत्यापन 20 से 22 जनवरी तक किया जाएगा। उन्होने बताया कि 20 जनवरी को सुपर सीडर मशीन, 21 जनवरी को बेलर यूनिट (स्ट्रा बेलर स्ट्रा रैक) व 22 जनवरी को अन्य यन्त्र जैसे, स्वचालित रीपर कम बाइंडर, पैडी स्ट्रॉ चॉपर, ट्रैक्टर माउंटेड लोडर, ट्रैक्टर ड्रॉन टेडर मशीन का भौतिक सत्यापन किया जाएगा। किसानों को फसल अवशेष प्रबंधन करने के लिए सरकार द्वारा कृषि यंत्रों पर 50 प्रतिशत अनुदान राशि दी जाती है। उन्होंने बताया कि फसल अवशेष प्रबंधन स्कीम 2025-26 के तहत 70 प्रतिशत अनुदान के लिए कृषि यंत्रों का भौतिक सत्यापन 2 दिसंबर से 4 दिसंबर 2025 तथा 12 दिसंबर से 14 दिसंबर 2025 को हो गया था और जिनकी अनुदान रात्रि 1 लाख से ज्यादा हैं, उन कृषि यंत्रों का 30 प्रतिशत अनुदान राशि के लिए स्कीम की दिशा-निर्देशानुसार पुनः भौतिक सत्यापन किया जाएगा। सहायक कृषि अभियंता कैथल इंजिनियर जगदीश चंद्र ने बताया कि किसानों की सुविधा के लिए खंड अनुसार स्थान निर्धारित किए गए हैं। खंड कैथल से संबंधित किसान अतिरिक्त नई अनाज मंडी कैथल, खंड कलायत का अग्रसेन पार्क कपिल मुनि महिला कॉलेज के पास, खण्ड राजौंद का नई अनाज मंडी राजौंद, खंड पूंडरी व ढांड से संबंधित किसान नई अनाज मंडी पूंडरी, खंड गुहला से संबंधित किसान नई अनाज मंडी गुहला व खंड सीवन से संबंधित किसान नई अनाज मंडी सीवन में अपने कृषि यंत्र भौतिक सत्यापन के लिए लेकर आएंगे। भौतिक सत्यापन कार्य प्रातः: 9:00 बजे से शुरू कर दिया जाएगा। सभी संबंधित किसान अपनी अपनी मशीन के साथ दिए गए समय व स्थान पहुंचना सुनिश्चित करें, ताकि अनुदान की राशि समय पर आपके खाते में जमा करवाई जा सके।
