बेसहारा पशुओं के हमले के शिकार परिवारों को मिलेगा दयालु-2 योजना का सुरक्षा कवच : डीसी

डीसी अपराजिता ने दीन दयाल उपाध्याय अंत्योदय परिवार सुरक्षा योजना (दयालु-2) के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जिला स्तरीय कमेटी की बैठक ली। डीसी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि योजना के तहत प्राप्त होने वाले आवेदनों पर समयबद्ध और नियमों के अनुसार निर्णय लिया जाए ताकि पीडि़त परिवारों को जल्द राहत मिल सके। इसमें सरकार द्वारा तय मापदंडों हो शत प्रतिशत पालन सुनिश्चित किया जाए। बैठक में योजना के तहत प्राप्त हुए आवेदनों पर विचार विमर्श किया गया। डीसी अपराजिता ने बताया कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अगुवाई में सरकार द्वारा शुरू की गई दयालु-2 योजना एक महत्वपूर्ण सामाजिक सुरक्षा कवच है। इसका उद्देश्य सार्वजनिक स्थानों पर बेसहारा पशुओं (जैसे गाय, बैल, कुत्ता, नीलगाय, गधा, खच्चर आदि) के हमले या काटने के कारण मृत्यु, स्थाई दिव्यांगता या गंभीर रूप से घायल होने वाले व्यक्तियों के परिवारों को वित्तीय सहायता प्रदान करना है। इस योजना के क्रियान्वयन में किसी भी स्तर पर देरी या कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अधिकारी आपसी तालमेल से काम करें ताकि पात्र व्यक्तियों तक लाभ प्राथमिकता के आधार पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि बेसहारा पशुओं (जैसे गाय, बैल, कुत्ता, नीलगाय, गधा, खच्चर आदि) के काटने या हमले के कारण होने वाली मृत्यु, स्थायी विकलांगता में सरकार ने पीड़ित की आयु के आधार पर सहायता राशि को विभिन्न वर्गों में विभाजित किया है। शून्य से 12 वर्ष तक की आयु के लिए एक लाख रुपये, 12 से 18 वर्ष तक की आयु के लिए दो लाख रुपये, 18 से 25 वर्ष तक की आयु के लिए तीन लाख रुपये, 25 से 45 वर्ष तक की आयु के लिए 5 लाख रुपये तथा 45 से अधिक आयु के लिए 3 लाख रुपये आर्थिक सहायता दी जाती है। इसी प्रकार 70  से कम दिव्यांगता होने पर कर्मचारी क्षतिपूर्ति एक्ट 1923 की सूची के अनुसार आनुपातिक लाभ दिया जाएगा। सार्वजनिक स्थान पर कुत्ता काटने की स्थिति में 10,000 रुपये प्रति दांत के निशान के हिसाब से सहायता दी जाएगी। इस अवसर पर आरटीए गिरीश कुमार, सीटीएम गुरविंद्र सिंह, डीएसपी बीरभान, सीएमओ डा. रेणु चावला, जिला सांख्यिकी अधिकारी निर्मल देवी, डीआईपीआरओ नसीब सैनी, जिला रेडक्रॉस सचिव रामजी लाल, प्लानिंग ऑफिसर विजेंद्र, नगर परिषद सचिव पवन शर्मा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और संबंधित आवेदक भी उपस्थित रहे।

पात्रता और आवेदन की शर्तें

योजना को सरल और पारदर्शी बनाने के लिए सरकार ने नियम निर्धारित किए हैं। आवेदक हरियाणा का स्थायी निवासी होना चाहिए। परिवार पहचान पत्र होना अनिवार्य है। इस योजना के लिए आय की कोई न्यूनतम या अधिकतम सीमा नहीं है। घटना हरियाणा राज्य की सीमा के भीतर ही हुई हो। घटना के 90 दिनों के भीतर dapsy.finhry.gov.in पोर्टल पर पंजीकरण करना आवश्यक है।

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