बच्चों को बुनियादी साक्षरता और संख्यात्मक ज्ञान में दक्ष के लिए चलाए जा रहे निपुण अभियान के तहत डीसी ने ली संचालन समिति की बैठक
सरकारी स्कूलों में बच्चों की कक्षा अनुसार दक्षता को मजबूत करने के लिए चलाए जा रहे निपुण हरियाणा मिशन के तहत डीसी अपराजिता ने मंगलवार को मॉडल संस्कृति स्कूल पूंडरी में जिला स्तरीय संचालन समिति के सदस्यों की समीक्षा बैठक ली। जिसमें उन्होंने निर्देश दिए कि अभियान के तहत बच्चों की दक्षता सुधारने की दिशा में गंभीरता से प्रयास किए जाएं। जिला स्तरीय संचालन समिति में जो भी विभागीय अधिकारी सदस्य हैं, वे नियमानुसार निर्धारित समय में स्कूलों का दौरा करें। बच्चों से बातचीत करें। अभियान के तहत हुए कार्यों की जमीनी हकीकत की जांच कर रिपोर्ट करें। बैठक में डीएमसी कपिल शर्मा, जिला शिक्षा अधिकारी सुभाष सहित संचालन समिति के सदस्यों ने भाग लिया। निपुण के तहत कार्यरत नरेश कुमार ने पीपीटी के माध्यम से जिले में हुए कार्यों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने पिछली बैठक के बाद की आवश्यक प्रगति रिपोर्ट साझा की। साथ ही जिला शिक्षा अधिकारी व अन्य अधिकारियों द्वारा किए गए दौरे के अलावा प्राइमरी विद्यालयों के बच्चों की दक्षता में हुए सुधार को लेकर आवश्यक जानकारी तथ्यों के माध्यम से बताई और जिन-जिन क्षेत्रों बच्चों में सुधार की आवश्यकता है, उसके बारे में भी जानकारी दी। जिला विज्ञान विशेषज्ञ छत्रपाल ने अंतरराष्ट्रीय मैथ ओलंपियाड को लेकर पीपीटी के माध्यम से जानकारी दी और बताया कि जिले में विशेषज्ञों द्वारा इस प्रतियोगिता को लेकर पाठ्यक्रम तैयार किया जा रहा है और इस पर एक पुस्तक लिखी जा रही है। जो पहली बार हो रहा है। इस प्रतियोगिता में अब तक हुए कार्यों के कारण बच्चों की खूब रुचि है। पूर्व में कैथल के एडीसी रहे दीपक बाबू लाल करवा के मार्गदर्शन में शुरू हुए इस अभियान में बच्चे जुड़े हैं और पिछली बार काफी संख्या में बच्चों ने अंतरराष्ट्रीय मैथ ओलंपियाड मुकाबले में भाग लिया है। जिसका परिणाम अभी आना है। उन्होंने डीसी से जिले में शनिवार को इस मुकाबले के लिए तैयारी शुरू करवाए जाने के अलावा जिले में एक पुस्तक बैंक तैयार करवाए जाने सहित अन्य संसाधनों की सुविधा मुहैया करवाए जाने की मांग भी रखी। डीसी अपराजिता ने कहा कि बच्चों के शिक्षा में स्तर सुधार होना चाहिए। जो भी संसाधन चाहिए, उसकी जानकारी दें। इसके अलावा अध्यापक, डीईओ व बीईओ सहित संचालन समिति के अन्य सभी सदस्य अपने-अपने दायित्व को गंभीरता से निभाएं, ताकि बच्चे पढ़ाई के किसी भी क्षेत्र में पिछड़े न। डीसी ने यह भी कहा कि इस बात का ध्यान रखा जाए कि बच्चों के कोमल दिमाग पर किसी तरह का अनावश्यक दबाव न पड़े और उन्हें खेल-खेल में या फिर अन्य रोचक तरीके से सक्षम बनाया जाए। वे जिस कक्षा में पढ़ रहे हैं, कम से कम कक्षा की आवश्यक जानकारी उन्हें जरूर हो। डीसी ने स्कूल में निपुण अभियान के तहत चल रहे अध्यापकों के लिए प्रशिक्षण शिविर का भी निरीक्षण किया। साथ ही अध्यापकों से शिक्षण सामग्री के बारे में आवश्यक जानकारी हासिल की। उन्होंने शिक्षण के नए तौर-तरीकों की सराहना भी की।
