एक मई से शुरू होगा घर-घर जाकर हाउस लिस्टिंग का कार्य : डीसी
डीसी अपराजिता ने कहा कि जनगणना प्रक्रिया के तहत एक मई से जिले में घर-घर जाकर हाउस लिस्टिंग एवं जनगणना का कार्य शुरू किया जाएगा। अधिकारी सुनिश्चित करें कि कोई भी क्षेत्र या मकान छूटना नहीं चाहिए। यह कार्य पूरी जिम्मेदारी के साथ किया जाए। पहले दिन से ही इसकी निगरानी की जाए। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। वहीं आमजन भी गणना कर्मियों और पर्यवेक्षकों को सही, सटीक और नवीनतम जानकारी प्रदान करें। डीसी अपराजिता वीरवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग रूम में जनगणना कार्य की समीक्षा कर रही थीं। इससे पहले चंडीगढ़ से जनगणना विभाग के निदेशक द्वारा सभी जिला उपायुक्तों को एक मई से शुरू होने वाले मकान सूचीकरण कार्य को लेकर आवश्यक दिशा निर्देश जारी किए। डीसी अपराजिता ने कहा कि जनगणना एक राष्ट्रीय महत्व का कार्य है और इसमें सभी संबंधित विभाग आपसी तालमेल के साथ कार्य करें। स्व-गणना के चरण के बाद अब घर-घर जाकर गणना का कार्य किया जाएगा, जिसकी समय सीमा 30 मई तक निर्धारित है। उन्होंने जिला सांख्यिकी अधिकारी को निर्देश दिए कि वे नगर पालिका के तालमेल बनाते हुए उनके वाहनों पर ऑडियो संदेश चलवाकर आमजन को जागरूक करें। इसी प्रकार सिनेमा घरों में भी जागरूकता वीडियो चलाई जाएं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिले का कोई भी क्षेत्र जनगणना से वंचित नहीं रहना चाहिए। इसके लिए तहसीलदारों, पटवारियों और नंबरदारों के माध्यम से नियमित निगरानी और सत्यापन सुनिश्चित किया जाए। फील्ड स्तर पर कार्यरत कर्मचारियों से लगातार संपर्क बनाए रखें और समस्याओं का तुरंत समाधान करें। उन्होंने बताया कि अब तक बड़ी संख्या में लोगों ने सेल्फ एन्यूमरेशन पूरा कर लिया है और लक्ष्य है कि इस आंकड़े को 30 अप्रैल शाम तक और बढ़ाया जाए। डीसी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे प्रतिदिन प्रगति की समीक्षा करें और निर्धारित समय सीमा के भीतर कार्य पूर्ण करें। डीसी ने स्पष्ट किया कि नागरिकों द्वारा दी गई सभी जानकारी पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी और इसे किसी भी व्यक्ति या संस्था के साथ साझा नहीं किया जाएगा। इस अवसर पर एसडीएम संजय कुमार, डीआरओ चंद्रमोहन, जिला सांख्यिकी अधिकारी निर्मल, एआईपीआरओ अमित कौशिक, जिला जनगणना समन्वयक ज्योति राणा सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
जनगणना के दौरान पूछे जाएंगे ये 33 सवाल
भवन नंबर या जनगणना नंबर, मकान नंबर, मकान के फर्श में इस्तेमाल प्रमुख सामग्री, (यानी कि फर्श सीमेंट का है, ग्रेनाइट है, मार्बल है), मकान की दीवार में इस्तेमाल सामग्री, मकान की छत में इस्तेमाल सामग्री, मकान का इस्तेमाल, मकान की हालत, परिवार क्रमांक, परिवार के सदस्यों की संख्या, परिवार के मुखिया का नाम, परिवार के मुखिया का लिंग, जाति, (सामान्य, अनुसूचित जाति, जनजाति, ओबीसी), मकान के स्वामित्व की स्थिति, मकान में कमरों की संख्या, विवाहित दंपतियों की संख्या, पेयजल का सोर्स, पेयजल की उपलब्धता, बिजली का सोर्स, शौचालय की उपलब्धत, शौचालय का प्रकार, गंदे पानी की निकासी, स्नानघर की उपलब्धता, गैस कनेक्शन, खाना पकाने का मुख्य ईंधन, रेडियो/ट्रांजिस्टर / टीवी, इंटरनेट की सुविधा, लैपटॉप /कंप्यूटर, टेलीफोन/मोबाइल/स्मार्ट फोन, साइकिल/स्कूटर/मोटरसाइकिल, कार/ जीप / वैन, मुख्य अनाज तथा मोबाइल नंबर।
