अवैध कालोनियों को पनपने से रोकने के लिए सख्त कार्रवाई करें अधिकारी : डीसी

कैथल खबर (24 मार्च) : डीसी प्रीति ने कहा कि जिले में अवैध कालोनी पनपने से रोकने के लिए अधिकारी सख्त कार्रवाई करें। साथ ही ऐसी कालोनियों में यदि कोई निर्माण किया जा रहा है तो उसमें तोड़फोड़ की कार्रवाई कर नियमानुसार पुलिस में केस दर्ज करवाएं। इसके अलावा नियंत्रित क्षेत्र से बाहर के एरिया में संबंधित एसडीएम निकाय अधिकारियों के साथ सामजस्य बैठाते हुए अवैध कालोनियां विकसित होने से रोकें। इस मामले में लापरवाही पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी। ये अवैध गतिविधियां जिला के नियोजित विकास में बाधा पहुंचाती है। सभी संबंधित विभागों के अधिकारी आपसी तामलेम के साथ कार्य करें।

यदि किसी अधिकारी को दूसरे विभाग से संबंधित कोई नियमों को लेकर दिक्कत आती है तो वे आकर चर्चा करें। ताकि आपसी बातचीत से कोई हल निकालकर जनहित में कार्रवाई की जा सके। डीसी प्रीति सोमवार को लघु सचिवालय में जिला टॉस्क फोर्स की बैठक में अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दे रहीं थीं। डीसी ने आमजन का भी आह्वान किया कि वे केवल फुल पेमेंट इकरारनामों पर ही जमीन की खरीद-फरोख्त न करें। प्लाट आदि लेते समय कालोनी के संबंध में सारी आवश्यक जानकारी जुटाएं। साथ ही यदि कोई प्रॉपर्टी डीलर कालोनी के वैध होने का दावा करता है तो उसके लाइसेंस की जांच करें। सारे तथ्यों की पड़ताल उपरांत ही प्लाट या जमीन खरीदें। अन्यथा अवैध कालोनी में यदि वे प्लाट ले लेंगे तो उन्हें तोड़-फोड़ जैसी कार्रवाई का सामना करना पडे़गा। डीसी ने डीटीपी से जिले में अवैध कालोनियों को लेकर की जा रही आवश्यक कार्रवाई की जानकारी हासिल की। जिसमें डीटीपी ने पिछले माह चलाए गए तोड़फोड़ अभियान व पुलिस में दर्ज करवाए गए केसों की जानकारी दी। डीसी ने पुलिस अधिकारियों से भी डीटीपी की शिकायत पर दर्ज केसों में कार्रवाई के बारे में पूछा। साथ ही निर्देश दिए कि जैसे ही डीटीपी कार्यालय से शिकायत मिलती है, तुरंत उस पर एफआईआर दर्ज कर आगामी कार्रवाई करें। उन्होंने कहा कि अवैध कालोनियां अनेक समस्याओं को बढ़ावा देती है। इन कालोनियों में आमतौर पर मूलभूत सुविधाओं का अभाव रहता है। इन अवैध कालोनियों के कारण सरकार को राजस्व का नुकसान होता है। जिला योजनाकार विभाग शिविर लगाकर लोगों को जागरूक करें, ताकि वे अवैध कालोनियों में प्लाट व मकान न खरीदें। इन कालोनियों में रजिस्ट्री न होने के कारण लोग फुल पेमेंट एग्रीमेंट करवा लेते है, जोकि सही नहीं है। उन्होंने योजनाकार विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे आमजन को वैध कालोनियों के संबंध में जागरूकता शिविरों का आयोजन कर लोगों को जानकारी दें। उन्होंने एसडीएम व तहसीलदार को निर्देश दिए कि वे इस बात का ध्यान रखें कि उनके क्षेत्र में अचानक किसी एक जगह अधिक रजिस्टरी तो नहीं हो रही। यदि हो रहीं हैं तो इसका कारण जानें कि ये कहीं अवैध कालोनी में तो नहीं हो रही। एसडीएम शहरों में वैध कालोनियों के बीच में छूट गए जमीन के टुकड़ों के संबंध में जानकारी जुटाएं।  सभी एसडीएम अपने-अपने क्षेत्रों में इस विषय पर बैठक करना सुनिश्चित करें। बैठक में उपस्थित न होने पर डीसी ने जनस्वास्थ्य विभाग, बिजली विभाग कार्यकारी अभियंता व एनएचएआई अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। इस मौके पर कैथल एसडीएम अजय सिंह, कलायत एसडीएम अजय हुड्डा, गुहला एसडीएम प्रमेश सिंह, लोक निर्माण विभाग के कार्यकारी अभियंता वरूण कंसल के अलावा अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। 

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