राष्ट्रीय लोक अदालत का हुआ आयोजन… 5396 मामलों का हुआ निपटारा

हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कैथल के अध्यक्ष एवं अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायधीश डा. अमित गर्ग को देखरेख में 13 सितंबर 2025 (शनिवार) को न्यायिक परिसर में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। इस लोक अदालत में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायधीश डा. नन्दिता कौशिक, पारिवारिक न्यायालय के प्रधान न्यायधीश दवेन्द्र सिंह, अतिरिक्त सिविल न्यायाधीश (सिनियर डिविजन) विरेन कादयान,  सिविल न्यायाधीश (जूनियर डिवीजन)संदीप कौर,सिविल न्यायाधीश (जूनियर डिवीजन) जसमीत कौर कैथल और  न्यायाधीश (जूनियर डिवीजन)गुहला चीका राजविन्द्र सिंह  बैंच गठित की गई थी। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव एवं मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी श्री कंवल कुमार ने बताया कि इस राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 8806 लंबित मामलों को रखा गया था, जिसमें से 5396 मामलों का निपटारा किया गया। कुल मुबलिक 6,13,09,437/- की राशि के विभिन्न अपराधिक, एन आई एक्ट, बैंक रिकवरी, मोटर वाहन, श्रम से संबंधित विवाद मामले, राजस्व मामले अन्य मामलों का इस राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से निपटारा किया गया है। इसके साथ ही उन्होने बताया कि लोक अदालत एक ऐसी अदालत है जिसमें मामलों (विवादों) का निपटारा पक्षकारों की पारस्पारिक सहमति से किया जाता है इसमें न किसी पक्षकार की जीत होती न हार। दोनों पक्षों में पुनः स्नेह, सौहार्द्र एवं बन्धुत्व का भाव उत्पन हो जाता है। लोक अदालत की विशेषता है कि यह शीघ्र व सस्ते न्याय का स्त्रोत है। इसे जनता की अदालत भी कहा जाता है। लोक अदालत की विशेषता है कि इसमें कोई न्यायालय शुल्क नहीं है और यदि न्यायालय शुल्क का भुगतान पहले ही कर दिया गया है तो लोक अदालत में विवाद का निपटारा होने पर इसे वापिस कर दिया जाता है। लोक अदालत में मामले का निपटारा तुरन्त हो जाता है और सभी को न्याय आसानी से मिल जाता है।

About The Author

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

deneme bonusu veren siteler
deneme bonusu