PM फसल बीमा योजना के तहत 31 दिसंबर करवाएं अपनी फसल का बीमा : डीडीए
कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के उपनिदेशक डॉ. सुरेंद्र कुमार यादव ने बताया कि प्राकृतिक आपदाओं से किसानों को सुरक्षित करने के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना एक महत्वपूर्ण योजना है। जिसमें किसानों की फसलों के नुकसान की भरपाई की जाती है। सुरक्षित फसल-सुरक्षित खलिहान फसल बीमा है किसानों के लिए वरदान। किसानों को अपनी फसल की सुरक्षा हेतु प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत पंजीकरण जरूर करवाना चाहिए। मौजूदा रबी 2025-26 सीजन में गेहूं, चना, सरसों, जौ व सूरजमुखी फसल का पंजीकरण करवाने की अंतिम तिथि 31 दिसंबर है।उपनिदेशक डॉ. सुरेंद्र कुमार यादव ने बताया कि किसान द्वारा देय प्रीमियम गेहूं, चना, जौ, सरसों व सूरजमुखी के लिए बीमित राशि का 1.5 प्रतिशत है तथा शेष प्रीमियम का भुगतान राज्य व केंद्र सरकार द्वारा किया जाएगा। उन्होंने बताया कि रबी 2025-26 की फसलों की प्रीमियम राशि गेहूं फसल के लिए बीमित राशि 32523.80 रुपये तथा किसान द्वारा देय प्रीमियम राशि 487.86 रुपये प्रति एकड़ है। चने के लिए बीमित राशि 15986.31 रुपये तथा किसान द्वारा देय प्रीमियम राशि 239.79 रुपये प्रति एकड़ है। जौ के लिए बीमित राशि 20727.21 रुपये तथा किसान द्वारा देय प्रीमियम राशि 310.91 रुपये प्रति एकड़ है। सरसों के लिए बीमित राशि 21829.57 रुपये तथा किसान द्वारा देय प्रीमियम राशि 327.44 रुपये प्रति एकड़ है। सूरजमुखी के लिए बीमित राशि 22050.13 रुपये तथा किसान द्वारा देय प्रीमियम राशि 330.75 रुपये प्रति एकड़ है उन्होंने बताया कि बेमौसमी बारिश, ओलावृष्टि व जलभराव से खड़ी फसल में नुकसान होने पर क्लेम खेत स्तर पर देय होगा। गांव में किसी भी फसल की औसत पैदावार पूर्व निर्धारित पैदावार से कम होने पर क्लेम गांव के सभी बीमित किसानों को दिया जाएगा। फसल कटाई के 14 दिनों के अंदर फसल में नुकसान होने पर भी क्लेम खेत स्तर पर देय होगा (जो फसल सूखने के लिए खेत में रखी हो)। सभी किसानों से आह्वान किया जाता है कि वे अपनी फसलों का बीमा करवाएं। अधिक जानकारी के लिए केंद्र सरकार द्वारा जारी कृषि रक्षक पोर्टल व हेल्पलाइन नंबर 14447 तथा अपनी बैंक शाखा या बीमा कंपनी से संपर्क कर सकते है। फसल बीमा योजना का पूरा विवरण कृषि तथा किसान कल्याण विभाग की वेबसाइट www.agriharyana.gov.in पर उपलब्ध है। इसके अलावा अन्य जानकारी प्राप्त करने के लिए कृषि एवं किसान कल्याण विभाग में संपर्क कर सकते है।
