सीएम घोषणाओं की प्रगति को लेकर डीसी ने ली बैठक, अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश

डीसी अपराजिता ने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणाओं को सभी विभाग गंभीरता से लें और जिन परियोजनाओं पर कार्य प्रगति पर है, उन्हें निर्धारित समयावधि में पूरा करवाया जाए। ज्यादा समय से लंबित घोषणाओं को पूरा करने में तकनीकी या विभागीय बाधाओं को दूर करवाते हुए, उन्हें जल्द से जल्द पूरा करवाएं, ताकि लोगों को इन प्रोजेक्टस का लाभ मिल सके। सभी विभाग आपसी तालमेल के साथ कार्य करें और विकास कार्यों में अनावश्यक देरी न होने दें। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री घोषणाओं के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की लापरवाही या देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। डीसी अपराजिता सोमवार को लघु सचिवालय के सभागार में मुख्यमंत्री घोषणाओं के क्रियान्वयन की प्रगति की समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दे रहीं थीं। डीसी ने मुख्य रूप से सिटी स्क्वायर, क्योड़क में बन रहे पशु विश्वविद्यालय के रीजनल केंद्र, धनौरी के महिला कॉलेज, संस्कृत विश्वविद्यालय, कबड्डी अकादमी पाई सहित कई परियोजनाओं की प्रगति की बारीकी से समीक्षा की और आवश्यक निर्देश जारी किए। उन्होंने गांव धेरड़ू में पूरी तरह से बनकर तैयार हो चुके फार्मेसी कॉलेज के मामले में आगामी पत्राचार के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि वे अपनी-अपनी परियोजनाओं की प्रगति रिपोर्ट समय-समय पर संबंधित पोर्टल पर अपडेट करें और लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाएं। बैठक में बताया गया कि जिले में मुख्यमंत्री की अब तक कुल 405 घोषणाएं हुई हैं, जिनमें से 261 कार्य पूरे हो चुके हैं, जबकि 97 परियोजनाओं पर कार्य प्रगति पर है। वहीं 26 घोषणाओं को गैर-व्यवहार्य घोषित किया गया है तथा 21 परियोजनाएं अभी लंबित हैं। समीक्षा के दौरान विभिन्न विकास कार्यों पर भी चर्चा की गई। धनौरी गांव में लंगर हॉल के निर्माण के लिए टेंडर की तकनीकी प्रक्रिया जल्द पूरी हो जाएगी। वहीं फतेहपुर और पूंडरी में सीसीटीवी कैमरे लगाने की परियोजना के लिए प्रशासनिक स्वीकृति लंबित होने पर उच्च अधिकारियों को पत्र लिखने के निर्देश दिए गए। बैठक के दौरान अधिकारियों से विभिन्न परियोजनाओं की तकनीकी जानकारी भी ली गई। डीसी ने निर्देश दिए कि जिन कार्यों का टेंडर या वर्क ऑर्डर जारी हो चुका है, उन्हें निर्धारित समय सीमा के भीतर शुरू किया जाए और कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए। इसके अलावा गुहला क्षेत्र में प्रस्तावित बाईपास निर्माण परियोजना की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि इस परियोजना के लिए करीब 90 प्रतिशत भूमि खरीदी जा चुकी है। शेष भूमि के अधिग्रहण की प्रक्रिया जारी है और 25 मार्च तक अधिसूचना जारी करने का लक्ष्य रखा गया है। बैठक में ढांड-पूंडरी रोड का नाम बदलकर ब्रह्मानंद मार्ग करने के प्रस्ताव पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों ने बताया कि इस संबंध में मामला सरकार को भेजा जा चुका है और विभाग को रिमाइंडर भेजने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने जिमखाना क्लब चीका, पूंडरी में कम्युनिटी सेंटर, रसीना बाईपास, सीवन में पब्लिक हेल्थ द्वारा किए जा रहे कार्य, स्वास्थ्य विभाग द्वारा बनाई जा रही विभिन्न गांवों में पीएचसी सहित अन्य कार्यों के बारे में भी आवश्यक निर्देश जारी किए। डीसी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाए और विकास परियोजनाओं में तेजी लाकर जनता को समय पर लाभ पहुंचाया जाए। इस अवसर पर सीईओ जिला परिषद सुरेश राविश, डीएमसी कपिल शर्मा, सिविल सर्जन डा. रेणु चावला, डीडीपीओ रितु लाठर, डीएसपी राजरानी सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। 

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