सड़क सुरक्षा साझी जिम्मेदारी, सभी करें यातायात नियमों की पालना :- चेयरमैन ललित बत्तरा
हरियाणा मानव अधिकार आयोग के चेयरमैन ललित बत्तरा ने कहा कि सड़क सुरक्षा साझी जिम्मेदारी है। हम सभी को सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए आगे बढ़कर नियमों का पालन करना होगा। सड़क सुरक्षा मानव जीवन के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। इस दौरान किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए। सड़क सुरक्षा और मानव अधिकार का संबंध भी काफी गहरा है। चेयरमैन ललित बत्तरा शुक्रवार को गांव पाड़ला स्थित अशोक लेलैंड ड्राइविंग ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट में सड़क सुरक्षा एवं मानव अधिकार विषय पर आयोजित सेमिनार को बतौर मुख्यातिथि संबोधित कर रहे थे। सबसे पहले उन्होंने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। चेयरमैन ललित बत्तरा ने कहा कि जब हम मानव अधिकार की बात करते हैं, तो सबसे बेसिक और जरूरी अधिकार जिंदगी और व्यक्तिगत सुरक्षा का अधिकार है। सड़क पर निकलने वाला हर इंसान—चाहे वह ड्राइवर हो, पैदल चलने वाला हो, साइकिल वाला हो, या पैसेंजर हो—उसे अपनी मंजिल तक सुरक्षित पहुंचने का अधिकार है। असुरक्षित यातायात सीधे तौर पर इस मानव अधिकार के लिए खतरा हैं। सड़क दुर्घटनाएं अधिकतर लापरवाही, सेफ्टी उपायों की कमी के कारण होती हैं, तो वे मानव अधिकार, खासकर जिंदगी के अधिकार का उल्लंघन होती हैं। दुर्घटना सिर्फ एक इंसान पर नहीं, बल्कि पूरे परिवार पर असर डालती है, जिसकी भरपाई जिंदगी भर नहीं होती, इसलिए, सड़क सुरक्षा को एक साझा जिम्मेदारी के तौर पर समझना चाहिए। उन्होंने कहा कि सुरक्षित इंफ्रास्ट्रक्चर, यातायात कानूनों को दृढ़ता से लागू करवाया जाना जरूरी है। ड्राइवर ट्रेनिंग सेंटर जैसी संस्थाएं जागरूकता और जिम्मेदार ड्राइविंग व्यवहार बनाने में अहम भूमिका निभाती हैं। नागरिकों को यातायात नियमों का पालन करना चाहिए और दूसरों की सुरक्षा का सम्मान करना चाहिए। मानवाधिकारों के नजरिए से सड़क सुरक्षा में कई जरूरी चीजें शामिल हैं, सड़कों पर निर्धारित निशान, दृश्यता के तरीके, पैदल चलने वालों की सुरक्षा, ड्राइविंग के दौरान जागरूकता और समय पर आपातकाल में मदद सहित अनेक पहलू हैं। इस मामले में हरियाणा मानव अधिकार आयोग ने भी सड़क सुरक्षा के महत्व को पहचाना है। उन्होंने कहा कि एक शिकायत की जांच में पाया गया कि नागरिकों को सड़कों का सुरक्षित इस्तेमाल करने का अधिकार, जीवन का अधिकार और आने-जाने की आजादी का एक जरूरी हिस्सा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए आयोग ने हरियाणा में नेशनल हाइवे और स्टेट हाइवे पर रोड सेफ्टी उपायों के बारे में संबंधित अधिकारियों से पूरी रिपोर्ट तलब की है। साथ ही नियमों की पालना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक रूप से नियोजित, अच्छी तरह से रखरखाव की गई और पर्याप्त रोशनी वाली सड़क इंफ्रास्ट्रक्चर सुनिश्चित करना मानव जीवन और सार्वजनिक सुरक्षा की रक्षा के लिए अनिवार्य है। सभी अधिकारियों को कानूनों की पालना दृढ़ता से करवाने के निर्देश जारी किए गए हैं और लापरवाही होने पर इसे गंभीरता से लिया जाएगा। इसके साथ ही सिर्फ़ कानून और नीतियां ही काफी नहीं हैं, लोगों में जागरूकता और जिम्मेदार व्यवहार भी उतना ही ज़रूरी है। हेलमेट पहनना, सीट बेल्ट लगाना, तेज़ रफ्तार से गाड़ी न चलाना और शराब पीकर गाड़ी न चलाना जैसे आसान काम अनगिनत जानें बचा सकते हैं। सड़क सुरक्षा के लिए अनुशासन जरूरी है। हर ड्राइवर को यह याद रखना चाहिए कि सड़क एक साझा जगह है। एक पल की लापरवाही कई लोगों की जिंदगी हमेशा के लिए बदल देती है। हरियाणा मानव अधिकार आयोग के सदस्य दीप भाटिया ने भी कहा कि सड़क सुरक्षा विषय पर जागरूकता बहुत जरूरी है। सभी को यातायात नियमों का पालन करना चाहिए, ताकि वे स्वयं सुरक्षित रहे और अन्य नागरिकों को भी सुरक्षित करें। ड्राइवर के हाथ में दूसरों की जिंदगी भी होती है, इसलिए उसे सावधानी पूर्वक नियमों का पालन करते हुए ड्राइविंग करनी चाहिए। ड्राइविंग की तहजीब से ही उनकी पहचान होती है। उन्होंने विदेशों में यातायात नियमों का उदाहरण देते हुए गहनता से जानकारी दी। इसके अलावा दिव्य ज्योति जागृति संस्थान से स्वामी गुरदेवानंद, अशोक लैलेंड के निदेशक धर्मेंद्र पाल सिंह, एडवोकेट अरविंद खुरानिया, राजबीर सिंह, एडवोकेट रणबीर परासर, डॉ. मिनाक्षी गोयल, आशा वर्कर कविता, छात्रा कनिका ने भी अपने विचार रखे। इस मौके पर हरियाणा मानव अधिकार आयोग के चेयरमैन ललित बत्तरा ने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले लोेगों को सम्मानित भी किया गया। माईल स्टोन स्कूल के बच्चों द्वारा स्वागत गीत की प्रस्तुति की गई। इस मौके पर हरियाणा मानव अधिकार आयोग के सदस्य दीप भाटिया, रजिस्ट्रार रवि कुमार सौंधी, पुनीत अरोड़ा, संजय कुमार खंडूजा, हैड डीटीआई समीर सैनी, एडवोकेट पीएल भारद्वाज, डॉ पुनीत अरोड़ा, एडवोकेट धर्मबीर भोला, सतीश सेठ, डॉ. अभिलाषा जैन, डॉ. विनय, दिनेश भारद्वाज, अन्नू प्रिया, उमा भारद्वाज, नरेंद्र निझावन, सोनिया, मिनाक्षी शर्मा, कौशल खेत्रपाल, दीपक सेठ, हिमांशु आदि मौजूद रहे।
