विकास कार्यों के टेंडर में देरी पर आठ अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस

डीसी प्रीति ने शुक्रवार को लघु सचिवालय स्थित सभागार में जिले के अधिकारियों की समीक्षा बैठक में लंबित विकास कार्यों के लिए टेंडर सहित विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन के संबंध में समीक्षा बैठक की। डीसी ने बैठक में पिछले शनिवार को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी द्वारा ली गई बैठक में जारी निर्देशानुसार विभिन्न लंबित विकास कार्यों को लेकर जवाब लिए। संतोषजनक जवाब न मिलने पर डीसी ने एक्सईएन नगर परिषद कैथल, एक्सईएन काडा, एमई नगर पालिका राजौंद, एमई नगर पालिका पूंडरी, नगर पालिका सीवन के मौजूदा एवं पूर्व एमई के अलावा अनापत्ति रिपोर्ट में देरी पर एक्सईएन सिंचाई विभाग पूंडरी व निशानदेही में देरी पर नायब तहसीलदार पूंडरी को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। डीसी प्रीति ने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अधिकारियों की बैठक में कई मुद्दों पर जानकारी ली थी। उन्होंने जो-जो प्वाइंटस बताए हैं, उन पर जल्द से जल्द गुणवत्तापूर्वक काम पूरा कर एक्शन टेकन रिपोर्ट दें। ताकि आला अधिकारियों को अवगत करवाया जा सके। डीसी ने नगर परिषद कैथल के ईओ को सफाई के संबंध में सख्त निर्देश दिए और कहा कि शहर के सभी शौचालय दुरुस्त होने चाहिए। उन्होंने एक्सईएन पीडब्ल्यूडी बीएंडआर टू एवं एक्सईएन यूएचबीवीएन पूंडरी को फरल में बन रही पीएचसी सेंटर परिसर में बिजली लाइन संबंधी कार्य जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिले के सभी तालाबों की साफ-सफाई सुनिश्चित की जाए। स्वच्छता संबंधी रिपोर्ट पर निराशा व्यक्त करते हुए डीसी ने कहा कि कैथल शहर सहित नगर पालिकाओं में अधिकारी सुनिश्चित करें कि साफ-सफाई ठीक हो और उसकी ऑनलाइन रिपोर्टिंग जरूर करें। कई बार काम करने के बावजूद संबंधित प्लेटफार्म पर रिपोर्ट दर्ज न करने के कारण सर्वेक्षण आदि में वांछित परिणाम नहीं मिल पाते। उन्होंने डीएमसी को निर्देश दिए कि शहरों में स्वच्छता के लिए विशेष योजना बनाएं। सफाई कर्मचारी तय अवधि में काम करें। उन्होंने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे सड़कों के किनारे बर्म को लेकर गंभीरता दिखाएं। सड़कों के किनारे बर्म ठीक होने चाहिए, ताकि हादसे न हों। डीसी ने कहा कि विकास कार्यों के लिए जो टेंडर लगाए जाते हैं, उनके लिए निर्धारित प्रक्रिया पूरी करते हुए निश्चित समय अवधि में टेंडर छोड़े जाएं। डीसी ने 90 दिन से अधिक लंबित विकास कार्यों से संबंधित टेंडर प्रक्रिया की समीक्षा की और इस अवधि से अधिक समय तक टेंडर प्रक्रियाधीन एक-एक कार्य पर रिपोर्ट ली। उन्होंने कहा कि पहले भी निर्देशित किया जा चुका है कि अधिकारी एक दूसरे विभाग से संबंधित किसी विकास कार्य में परेशानी है तो उस विभाग के अधिकारी के साथ समन्वय स्थापित करते हुए उसे दूर करें। समस्या का समाधान नहीं हो रहा है तो उनके पास आएं लेकिन कोई भी कार्य अनावश्यक तौर पर लंबित न रहे। यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी की इस संबंध में लापरवाही पाई जाती है तो निश्चित तौर पर उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। जितना जल्द हो सके विकास कार्य पूरे करवाकर आमजन को राहत पहुंचाएं। लोक निर्माण विभाग के अधिकारी गड्ढों पर एक्शन टेकन रिपोर्ट दें। सड़कों में कहीं भी गड्ढे न हों। जब तक सड़क निर्माण कार्य पूरा नहीं हो जाता, तब तक सड़कों के गड्ढों पर पूरा ध्यान दिया जाए। अधिकारी इस बात पर ध्यान दें कि हादसों में मौत शहरों के अंदर की  सड़कों पर हो रही हैं। इसका क्या कारण है? जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारी सीवरेज संबंधी कार्य जल्द पूरा करवाएं। एसटीपी चालू हालत में हों। किसी एसटीपी में दिक्कत है तो उसे दुरुस्त करवाएं। डीसी ने जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को आगामी 31 जुलाई तक समय अवधि देते हुए कहा कि इस अवधि में सभी नाले व सीवरेज साफ होने चाहिएं। सभी एसटीपी चालू हालत में हों। अन्यथा कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने महर्षि वाल्मीकि संस्कृत विश्वविद्यालय का निर्माण कर रही पुलिस हाउसिंग कारपोरेशन एजेंसी के अधिकारियों से निर्माण कार्य पूरा होने के संबंध में पूरी जानकारी हासिल की और कहा कि जल्द से जल्द निर्माण कार्य पूरा किया जाए। साथ ही कैंपस चलाने लायक परिसर तैयार कर विश्वविद्यालय प्रशासन को सौंपें।

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