जिले को नशा मुक्त बनाने को लेकर अभियान में तेजी लाएं अधिकारी डीसी

डीसी प्रीति ने कहा कि नशा मुक्ति अभियान को प्रभावी तरीके से लागू करना है। जिले को पूरी तरह से नशा मुक्त बनाने के लिए इस अभियान को और तेजी लाने का प्रयास करें। ग्राम स्तर पर सभी पटवारी जागरूकता अभियान आयोजित करें और ग्रामीणों को नशे के कुप्रभावों के प्रति सचेत करें। जिला प्रशासन का मिशन हर गांव को नशा मुक्त बनाना है। जिला औषधि नियंत्रण अधिकारी लगातार दवाओं की दुकानों पर छापे मारें, पुलिस जमीनी स्तर पर नशा बेचने वालों पर कार्रवाई करे, अन्य प्रशासनिक अधिकारी अपने-अपने स्तर पर जागरूकता अभियानों में शामिल होकर लोगों को नशे के प्रति जागरूक करें। डीसी प्रीति लघु सचिवालय स्थित सभागार में जिला स्तरीय नारको समन्वयक समिति की समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों को संबोधित कर रही थी। बैठक के दौरान डीसी ने विभिन्न विभागों को दिशा-निर्देश जारी किए। उन्होंने सभी एसडीएम को निर्देश दिए कि वे जिले में चल रहे नशा मुक्ति केंद्रों का समय-समय पर औचक निरीक्षण करते रहें। लोगों को लगातार बताया जाए कि जिले में कितने नशामुक्ति केंद्र नियमानुसार चल रहे हैं। अवैध नशामुक्ति केंद्रों पर सख्त कार्रवाई की जाए। जिला ड्रग कंट्रोल ऑफिसर को निर्देश दिए कि वे लगातार मेडिकल स्टोरों का औचक  निरीक्षण करते रहें। कहीं पर भी नियमों के विरूद्ध दवाई बेची जा रही है तो उनके खिलाफ कार्रवाई करना सुनिश्चित करें। जिला शिक्षा अधिकारी तथा उच्च शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिए कि स्कूल व कॉलेजों में लगातार जागरूकता अभियान चलाते रहे। स्कूलों में नशा मुक्ति को लेकर नोडल अध्यापक बनाए जाएं और उनके फोन नंबर विद्यार्थियों के साथ साझा किए जाएं, ताकि बच्चे नशे से संबंधित कोई भी जानकारी दे सकें। खंड विकास एवं पंचायत अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन भी पंचायतों में अभी तक नशे को लेकर ग्राम सभाएं अभी तक नहीं आयोजित हो पाई है, उनमें जल्द से जल्द ग्राम सभाएं करवाएं। सिंचाई विभाग व वन विभाग नहरों व जंगलों में नशीले पौधों को नष्ट करवाएं। नेहरू युवा केंद्र व रेडक्रॉस सोसायटी नशे के खिलाफ गतिविधियां आयोजित करते रहें और इनमें युवाओं की विशेष रूप से भागीदारी सुनिश्चित की जाए। डीसी ने कहा कि पुलिस उन सभी गांवों पर फोकस करे, जो अभी तक नशामुक्त घोषित नहीं हुए हैं।

          एसपी राजेश कालिया ने कहा कि पुलिस की और से नशे के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। साथ ही गांव को नशा मुक्त बनाने को लेकर भी जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं, जिसके सकारात्मक परिणाम भी मिल रहे हैं। इस मौके पर चिन्हित अपराध के मामलों की भी समीक्षा की गई। उन्होंने कहा कि पुलिस कर्मचारी जिले के सभी गांवों को नशामुक्त घोषित करने के लिए समय सीमा तय करें और इस समय सीमा में इन गांवों को नशामुक्त करवाएं।  इस अवसर पर कैथल एसडीएम अजय सिंह, कलायत एसडीएम अजय हुड्डा, गुहला एसडीएम कैप्टन प्रमेश सिंह, जिला परिषद की डिप्टी सीईओ रितू लाठर, डीएसपी ललित, कुलदीप बैनीवाल, गुरविंद्र सिंह सहित अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

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